
jaipur, 12 अगस्त . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी एसयू-1, jaipur ने Wednesday को Rajasthan के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर में ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक तहसीलदार, एक कनिष्ठ सहायक और एक दलाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय कुमार (तहसीलदार/उप-पंजीयक, विराटनगर), देवीलाल (कनिष्ठ सहायक, उप-पंजीयक कार्यालय, विराटनगर) और अशोक (निजी व्यक्ति/दलाल) के रूप में हुई है. तीनों को शिकायतकर्ता को रजिस्ट्री देने के बदले 55,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया.
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने 11 अगस्त को एसीबी चौकी एसयू-1, jaipur में शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायतकर्ता ने 26 मई 2026 को अमलोदा गांव में 0.0742 हेक्टेयर कृषि भूमि 1.46 लाख रुपए में खरीदी थी. भूमि की रजिस्ट्री विराटनगर उप-पंजीयक कार्यालय में हुई थी.
शिकायतकर्ता ने पंजीकरण और स्टांप शुल्क के रूप में 13,931 रुपए जमा किए थे और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं.
शिकायत के अनुसार, भूमि को लेकर कोई विवाद, बकाया शुल्क, स्थगन आदेश (स्टे) या अन्य कोई बाधा नहीं होने के बावजूद संजय कुमार और देवीलाल ने रजिस्ट्री का दस्तावेज सौंपने के बदले 60,000 रुपए रिश्वत की मांग की.
शिकायत मिलने के बाद Tuesday को रिश्वत मांगने के आरोप का सत्यापन किया गया. सत्यापन के दौरान देवीलाल ने कथित रूप से 60,000 रुपए की मांग की. जब शिकायतकर्ता ने 10,000 रुपए देने की बात कही, तो आरोपी ने पूरी रकम एक साथ देने पर जोर दिया.
इसके बाद शिकायतकर्ता ने तहसीलदार संजय कुमार से रकम कम करने का अनुरोध किया. देवीलाल से बातचीत के बाद तहसीलदार ने कथित रूप से रिश्वत की रकम 55,000 रुपए तय कर दी.
रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद Wednesday को एसीबी के Police उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में तथा अतिरिक्त Police अधीक्षक प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई. इस अभियान को Police उपाधीक्षक अर्चना मीणा ने अंजाम दिया.
कार्रवाई के दौरान कनिष्ठ सहायक देवीलाल ने शिकायतकर्ता से 55,000 रुपए लेकर अपनी जेब में रख लिए. इसके कुछ समय बाद उसने निजी व्यक्ति अशोक को बुलाया और रिश्वत की रकम उसे सौंप दी. अशोक ने यह रकम अपनी जेब में रख ली.
ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता का काम आरोपियों के पास लंबित था.
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और Police महानिरीक्षक एस. परिमला की निगरानी में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है.
एसीबी इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच करेगी.
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एएमटी/डीकेपी
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