
jaipur, 6 जुलाई . Rajasthan के करौली जिले में पंचना बांध को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद करीब दो दशक बाद सुलझ गया है. Monday को पानी के बंटवारे की व्यवस्था की जांच के लिए कमांड एरिया की नहरों में ट्रायल के तौर पर पानी छोड़ा गया. साथ ही, एक लिफ्ट सिंचाई परियोजना की आधारशिला भी रखी गई, जिससे बांध के आसपास के 39 गांवों को फायदा होगा.
गंभीरी नदी में पानी छोड़ने के लिए पंचना बांध के तीन गेट भी खोल दिए गए. जल संसाधन और सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत ने गृह राज्य मंत्री और करौली जिले के प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेधम के साथ पंचना बांध पर दो नई लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं और गुडला लिफ्ट परियोजना के तहत पीडीएन सिस्टम के रीमॉडलिंग कार्य की आधारशिला रखी.
करीब 61 लाख की लागत वाली इन परियोजनाओं से लगभग 13,000 हेक्टेयर खेती की जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद है. साथ ही, बांध के कैचमेंट और कमांड एरिया में आने वाले गांवों को भी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
पहाड़ी गांव में देवनारायण मंदिर परिसर में आधारशिला रखने के कार्यक्रम से पहले पारंपरिक पूजा की गई.
जनसभा को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भजनलाल Government अपने हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि लोगों के हित से जुड़े कामों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. करीब 20 साल बाद पंचना बांध से पानी छोड़े जाने से स्थानीय लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है.
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. इनके अलावा ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, Police महानिरीक्षक कैलाश बिश्नोई, जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, Police अधीक्षक लोकेश सोनवाल, करौली के विधायक दर्शन सिंह गुर्जर और मुख्य अभियंता भुवन भी मौजूद रहे.
पंचना बांध के पानी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के समाधान के लिए 30 जून को Government स्तर पर सहमति बनी थी. इसके बाद जल संसाधन विभाग बांध से पानी छोड़ने की तैयारी में जुट गया था.
कार्यक्रम से दो दिन पहले जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, Police अधीक्षक लोकेश सोनवाल, कार्यकारी अभियंता विवेक बंसल और अन्य अधिकारियों ने बांध का निरीक्षण किया. उन्होंने परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए जरूरी तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
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एसएचके/
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