राजस्थान के मंत्री ने मीणा-गुर्जर समुदायों को ‘राम-लक्ष्मण’ की जोड़ी बताया

jaipur, 10 अगस्त . दौसा जिले के नांगल प्यारिवस में ऐतिहासिक पंच-अथाई कॉम्प्लेक्स में दो दिन तक चलने वाले ‘विश्व आदिवासी दिवस’ समारोह के दूसरे दिन भारी भीड़ जुटी. यहां Rajasthan के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मीणा और गुर्जर समुदायों के बीच संबंधों को लेकर Political रूप से अहम बातें कहीं.

हजारों लोगों को संबोधित करते हुए मीणा ने दोनों समुदायों को एक-दूसरे का पूरक बताया, जिनकी जड़ें खेती से जुड़ी हैं और जिनकी सामाजिक-आर्थिक चिंताएं भी एक जैसी हैं. उन्होंने आपसी भाईचारे की अपील की और ऐसे टकरावों से बचने की सलाह दी जिनसे व्यापक सामाजिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है.

यह कार्यक्रम लगभग 125 बीघा जमीन पर बने एक विशाल गुंबद के अंदर आयोजित किया गया था, लेकिन वहां की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं, जिसके कारण कई लोगों को बाहर खुली जगह में बैठना पड़ा.

अपने भाषण में मीणा ने पूर्व उपChief Minister सचिन पायलट और उनके दिवंगत पिता पूर्व Union Minister राजेश पायलट का जिक्र किया. उन्होंने दौसा के Political इतिहास को याद किया और उनके आगे बढ़ने में मीणा समुदाय की भूमिका पर जोर दिया.

उन्होंने गुर्जर समुदाय से कहा कि अगर वे अपने किसी नेता को Chief Minister बनते देखना चाहते हैं, तो उन्हें ‘राम’ के महत्व को भी याद रखना होगा.

उन्होंने कहा कि Chief Minister या Prime Minister बनना आखिरकार किस्मत और लोगों के आशीर्वाद पर निर्भर करता है. उन्होंने अपील की कि Political महत्वाकांक्षाओं के लिए सामाजिक सद्भाव की बलि नहीं दी जानी चाहिए. हिंदू पौराणिक कथाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने दोनों समुदायों के रिश्ते की तुलना भगवान राम और लक्ष्मण के रिश्ते से की और जोर दिया कि उनके बीच टकराव से दोनों को नुकसान होगा.

मीणा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अपनी Political प्रतिबद्धता भी दोहराई. अपने समर्थकों से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि ‘पार्टी गलत है और आप सही हैं.’

उन्होंने जवाब दिया कि पार्टी सही है और इस बात पर जोर दिया कि भाजपा ने ही उन्हें उनकी Political पहचान और विचारधारा दी है.

मंत्री ने घोषणा की कि पंच-अथाई परिसर में मुख्य देवता और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की औपचारिक स्थापना 9 अगस्त, 2027 को होगी, जो विश्व आदिवासी दिवस के दिन है.

इस सभा को संयोजक लाल मीणा, स्थानीय विधायक रामविलास मीणा, राजेंद्र मीणा, महेंद्रपाल और मांगीलाल समेत कई सामाजिक और Political हस्तियों ने भी संबोधित किया.

एमएस/