राजस्थान: अंतर-राज्यीय धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा, नकली टूरिस्ट वीजा मामले में तीन गिरफ्तार

jaipur, 20 मई . Rajasthan Police की ओर से एक अंतर-राज्यीय धोखाधड़ी नेटवर्क की जांच की जा रही है. यह जांच तब शुरू हुई जब jaipur ईस्ट एयरपोर्ट Police ने jaipur इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर कथित तौर पर नकली टूरिस्ट वीजा का इस्तेमाल करके इराक जाने की कोशिश करने का आरोप है. इसकी जानकारी अधिकारियों ने Wednesday को दी.

Police ने आरोपियों के पास से तीन नकली टूरिस्ट वीजा बरामद किए और नकली यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था करने वाले बड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश कुमार (47), जो उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का रहने वाला है; आलोक कुमार सिंह (31), जो बिहार के Patna का रहने वाला है और रूपेश यादव (32), जो बिहार के पूर्वी चंपारण का रहने वाला है, के रूप में हुई है. डीसीपी (पूर्व) रंजीता शर्मा के अनुसार, ये तीनों Tuesday को jaipur हवाई अड्डे पर पहुंचे थे और उनका इरादा इराक के बगदाद जाने का था.

रूटीन दस्तावेज जांच के दौरान एयरपोर्ट अधिकारियों को उनके वीजा की असलियत पर शक हुआ और उन्होंने उन्हें पूछताछ के लिए रोका. पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे अपने असली मल्टीपल-एंट्री इराक वीजा का इस्तेमाल करके यात्रा नहीं कर पा रहे थे. इसके बाद वे jaipur के एक एजेंट मुकेश लखर के संपर्क में आए, जिसने कथित तौर पर उनके लिए टूरिस्ट वीजा का इंतजाम करने का वादा किया. Police ने बताया कि आरोपी 17 मई को एजेंट के कहने पर jaipur आए थे और उन्हें पोलो विक्ट्री इलाके के एक होटल में ठहराया गया था.

अगले दिन एजेंट ने कथित तौर पर उन्हें टूरिस्ट वीजा सौंप दिए और उन्हें सिखाया कि एयरपोर्ट पर पूछताछ के दौरान कैसे जवाब देना है. बताया गया है कि आरोपियों को इमिग्रेशन अधिकारियों से यह कहने का निर्देश दिया गया था कि वे बगदाद इसलिए जा रहे हैं, क्योंकि jaipur से भेजी गई एक मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी और उसे मरम्मत की जरूरत थी. हालांकि, जांच की प्रक्रिया के दौरान एयरपोर्ट अधिकारियों को उन पर शक हो गया.

आगे पूछताछ किए जाने पर कथित तौर पर तीनों घबरा गए, जिसके चलते उन्हें हिरासत में ले लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.

हवाई अड्डा Police थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

Police अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जबकि नकली वीजा की आपूर्ति और विदेश में अवैध यात्रा की सुविधा देने में शामिल बड़े नेटवर्क की पहचान करने के प्रयास भी जारी हैं.

तीनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है.

एसएचके/डीकेपी