
jaipur, 30 मई . राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर द्वारा उनके सामाजिक बहिष्कार के आह्वान की आलोचना की.
बेनीवाल ने कहा कि वह उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श ले रहे हैं और चेतावनी दी कि इस बयान पर राठौर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
मीडिया को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि India संविधान और कानूनी ढांचे के तहत काम करता है, जहां खाप पंचायतों को भी सामाजिक बहिष्कार लागू करने से रोका गया है.
ऐसे में, उन्होंने तर्क दिया कि सत्ताधारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सामाजिक बहिष्कार का आह्वान करना कानूनी और लोकतांत्रिक सीमाओं का उल्लंघन है.
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि जनता ने पिछली कांग्रेस Government के दौरान पेपर लीक, बढ़ते अपराध और माफियाओं की कथित मनमानी से उत्पन्न असंतोष के कारण भाजपा को वोट दिया था. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने सत्ता में आने के तुरंत बाद अपना रुख बदल लिया.
हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने जैसलमेर में करीब 500 गायों की मौत पर भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि विपक्ष में रहते हुए पार्टी ने इसी तरह के मुद्दों पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए थे.
बेनीवाल ने याद दिलाया कि Prime Minister Narendra Modi ने चुनाव से पहले ‘पेपर लीक माफिया’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया था. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि ढाई साल सत्ता में रहने के बाद भी राज्य Government ऐसे रैकेट में शामिल किसी भी बड़े सरगना को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है.
नागौर के सांसद ने कहा कि हालांकि वर्तमान में आरएलपी के पास विधानसभा में कोई विधायक नहीं है, लेकिन पार्टी ने Rajasthan में एक ‘तीसरी Political शक्ति’ के रूप में अपनी पहचान बना ली है और पूरे राज्य में जन मुद्दों को उठाना जारी रखे हुए है.
राठौर की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, बेनीवाल ने दोहराया कि वह उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श ले रहे हैं और संकेत दिया कि आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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एमएस/
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