
jaipur, 23 जून . अंतर-राज्यीय नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, Rajasthan एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 25,000 रुपए के इनामी भगोड़े तस्कर को गिरफ्तार किया है. यह तस्कर पिछले सात वर्षों से केरल में फर्जी पहचान के साथ रहकर कानून की पकड़ से बच रहा था.
Madhya Pradesh के नीमच जिले के मनासा का रहने वाला आरोपी रंजीत दायमा उर्फ रंजीत बंजारा, ‘ऑपरेशन यमलकमली’ नाम के एक स्पेशल ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया.
यह ऑपरेशन कथित नशीले पदार्थों के तस्कर रमेश बंजारा से मिली जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था, जिसे पहले एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन मदाविकधाट’ के तहत गिरफ्तार किया था.
एएनटीएफ के इंस्पेक्टर जनरल विकास कुमार के अनुसार, रंजीत, रमेश बंजारा का करीबी साथी और रिश्तेदार था और नशीले पदार्थों के नेटवर्क की सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाता था.
उसे पकड़ने के लिए एएनटीएफ के जवान Rajasthan से केरल तक लगभग 2,500 किलोमीटर का सफर करके गए, जहां आरोपी कई सालों से दूर-दराज इलाकों में छिपा हुआ था.
जांचकर्ताओं ने बताया कि रंजीत ने कन्नड़, तेलुगु और मलयालम भाषाएं सीखकर केरल के स्थानीय समुदायों में खुद को अच्छी तरह घुला-मिला लिया था.
शोरनूर इलाके में वह इतनी अच्छी तरह मलयालम बोलता था कि स्थानीय लोगों को लगता था कि वह वहीं का रहने वाला है; इसी वजह से Rajasthan में वॉन्टेड होने के बावजूद वह पकड़ा नहीं गया.
Police की जांच से पता चला कि जहां रमेश बंजारा कथित तौर पर नशीले पदार्थों के सौदे करता था, वहीं रंजीत सुरक्षित ठिकानों से नशीले पदार्थों के ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालता था.
इसके बदले में उसे कथित तौर पर प्रति किलोग्राम लगभग 500 रुपए का कमीशन मिलता था. 100 से 500 किलोग्राम पोस्ता भूसा (डोडा-चूरा) की खेप के लिए उसकी कमाई कथित तौर पर 50,000 रुपये से 2 लाख रुपए के बीच होती थी.
फरार रहने के दौरान, रंजीत केरल के वडक्कनचेरी में कंबल की दुकान चलाता था. Police ने बताया कि वह कंबल बेचने के लिए रोजाना मोटरसाइकिल से लगभग 150 किलोमीटर का सफर करता था और अपनी पहचान छिपाने के लिए इस कारोबार का इस्तेमाल करता था.
जांचकर्ताओं को शक है कि केरल लौटने से पहले वह तस्करी नेटवर्क से संपर्क बनाए रखने के लिए समय-समय पर Rajasthan और Madhya Pradesh जाता रहता था.
शोरनूर पहुंचने के बाद, एएनटीएफ के जवानों ने Rajasthan के कारीगर बनकर इलाके की रेकी की. आखिरकार उन्हें पता चला कि रंजीत कंबल बेचने के लिए पहाड़ी नेलियामपति इलाके में गया है. इसके बाद अधिकारियों ने संभावित ग्राहक बनकर उसे बड़ी खरीदारी के बहाने अपनी गाड़ी के पास बुलाया और फिर हिरासत में ले लिया.
शुरुआती पूछताछ के दौरान, रंजीत ने कथित तौर पर Rajasthan और Madhya Pradesh समेत कई राज्यों में पोस्ता भूसा सप्लाई करने की बात कबूल की. खबरों के मुताबिक, उसने जांच करने वालों को बताया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं और उसे यह भी नहीं पता था कि किस राज्य की Police ने उसे गिरफ्तार किया है.
आरोपी को Rajasthan लाया गया है और अंतर-राज्यीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क के बारे में और जानकारी हासिल करने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है.
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एससीएच
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