
Mumbai , 2 अगस्त . शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट पर एक साथ निशाना साधा. उन्होंने राज ठाकरे के पत्र वाले आरोपों को बेबुनियाद बताया और उद्धव ठाकरे की बैठक पर भी तंज कसा. साथ ही वाघमारे ने वीर सावरकर पर दिए बयानों और चोरी के मामले में Government की कार्रवाई का भी जिक्र किया.
राजू वाघमारे ने से कहा, “ऐसा लगता है कि इस समय राज ठाकरे के पास कोई काम नहीं है. इसलिए ऐसे आरोप लगाने से पहले उन्हें अच्छी तरह सोच-समझ लेना चाहिए था. उन्होंने जो चिट्ठी पढ़कर सुनाई और जिसका जिक्र किया, वह उन्हें किसी ने दी थी. हमें तो यह भी नहीं पता कि वह चिट्ठी असल में हम तक पहुंची भी है या नहीं. कागज का एक टुकड़ा उठाकर यह दावा करना बहुत आसान है कि किसी ने शिंदे को चिट्ठी लिखी है और उसी के आधार पर आरोप लगा दिए जाएं. इस बारे में हमारे सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टी, सदा सरवणकर जी, पहले ही कह चुके हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है. राज ठाकरे अक्सर अधूरी जानकारी के आधार पर ऐसे बयान देते रहते हैं.”
वाघमारे ने विपक्ष पर भी हमला बोलते हुए कहा, “विपक्ष के पास इस समय बात करने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है. उनके पास बस यही मुद्दे हैं. हाल ही में हुई चोरी के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, एसआईटी बनाई गई है और जांच चल रही है. जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसे पकड़ा जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. Government यह बात पहले ही साफ कर चुकी है.”
शिवसेना प्रवक्ता ने उद्धव ठाकरे की हालिया बैठक को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “उद्धव ठाकरे ने एक बैठक की है लेकिन अब उनकी बैठकों में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता नहीं बचे हैं. इसीलिए वे अब ‘जेन जी’ को अपनी पार्टी में लाने की कोशिश कर रहे हैं. बैठक में उन्होंने कहा कि ‘जेन जी’ को पार्टी से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. ‘जेन जी’ आंदोलन के बाद उन्हें अचानक एहसास हुआ है कि लोग एकजुट हो सकते हैं. लेकिन वे यह भूल गए हैं कि ‘जेन जी’ आंदोलन उनके अपने मकसद के लिए था और ‘जेन जी’ अपने ही कारणों से एकजुट हुए थे.”
वीर सावरकर को लेकर हुए विवाद पर वाघमारे ने कहा, “सबसे पहले तो, अगर कोई सम्मानित वीर सावरकर जी के बारे में गलत बयान देता है, तो वह कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ही हैं. दूसरी बात, Prime Minister Narendra Modi ने इस बारे में जो कहा, वह बहुत सही बात थी. कभी-कभी लोग गलतियां कर बैठते हैं, लेकिन ऐसी गलतियां नहीं होनी चाहिए. किसी की मां या किसी बुजुर्ग व्यक्ति के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना गलत है. यह हमारी संस्कृति के खिलाफ है.”
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एससीएच/पीएम
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