गुजरात में बारिश का कहर: 67 लोगों का रेस्क्यू, कई जिले जलमग्न, रेड अलर्ट जारी

Ahmedabad, 24 जुलाई . Gujarat में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण, उत्तर और मध्य Gujarat के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं.

सिविल प्रशासन के अनुसार, सारिखुरद गांव में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की छठी बटालियन ने विशेष अभियान चलाया. अभियान के तहत अब तक 67 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. इनमें 25 महिलाएं, 20 पुरुष और 22 बच्चे शामिल हैं. वहीं, वलसाड में बाढ़ के पानी में फंसी एक बस से 35 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.

वलसाड, नवसारी, सूरत, तापी, डांग, खेड़ा और Ahmedabad समेत कई जिलों में सड़कें, मकान और वाहन जलमग्न हो गए हैं. हालात को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं.

Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने हाल ही में गांधीनगर स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए. प्रभावित जिलों में प्रशासन की मदद के लिए मंत्रियों की तैनाती भी की गई है. उपChief Minister हर्ष संघवी भी दक्षिण Gujarat पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.

लगातार हो रही बारिश के कारण दक्षिण Gujarat के कई इलाकों में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई है. वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में 36 घंटों के भीतर 1,200 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में असाधारण मानी जा रही है. नवसारी के चिखली में 800 मिमी और खेरगाम में 650 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है.

India मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, नर्मदा, वडोदरा, छोटा उदयपुर, पंचमहल और दाहोद जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं Ahmedabad, गांधीनगर, साबरकांठा, आनंद और खेड़ा में ऑरेंज अलर्ट लागू है. आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण Gujarat में अब तक सामान्य से 62 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है.

इस बीच सूरत में अंबिका नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. एहतियात के तौर पर दिल्ली-Mumbai एक्सप्रेसवे पर ईएनए (पलसाना) और खरेल (नवसारी) के बीच वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है.

एएस