गुटखा पाकर प्लेटफार्म गंदा करने वालों को रेलवे देगी पाउच वाला पीक दान

नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) स्वच्छता को महत्व देते है वही पान-गुटखा खाकर जगह-जगह थूकने वाले अपनी आदत से बाज नहीं आते जिसके चलते पब्लिक प्लेस बेहद गंदे और भद्दे नज़र आते हैं. इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय रेलवे (Railway)एक नई मुहिम की शुरूआत कर रहा है. दरअसल, भारतीय रेलवे (Railway)अपने परिसरों में विशेषकर पान और तंबाकू खाने वालों द्वारा थूकने के कारण होने वाले दाग-धब्बों और निशानों को साफ करने के लिए सालाना लगभग 1,200 करोड़ रुपए और बहुत सारा पानी खर्च करता है.

दरअसल, यात्रियों (Passengers) को रेलवे (Railway)परिसर में थूकने से रोकने के लिए 42 स्टेशनों पर वेंडिंग मशीन या कियोस्क लगाए जा रहे हैं, जो पांच रुपए से लेकर 10 रुपए तक के स्पिटून पाउच (पाउच वाला पीकदान) देंगे. रेलवे (Railway)के तीन जोन- पश्चिम, उत्तर और मध्य ने इसके लिए एक स्टार्टअप ईजीस्पिट ​को ठेका दिया है.
यात्री इन पीकदान पाउच को आसानी से जेब में रख सकते है और इनकी मदद से यात्री बिना किसी दाग ​​के जब भी और और जहां चाहें थूक सकते हैं. इस पाउच के निर्माता के अनुसार इस उत्पाद में मैक्रोमोलेक्यूल पल्प तकनीक है और इसमें एक ऐसी सामग्री है, जो लार में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस के साथ मिलकर जम जाती है. ये थूक को अवशोषित कर उन्हें ठोस में बदल देते हैं. एक बार उपयोग करने के बाद इन पाउचों को जब मिट्टी में फेंक दिया जाता है, तो ये पूरी तरह घुलमिल जाते हैं और पौधे की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है. बता दें कि इन बायोडिग्रेडेबल पाउच को 15 से 20 बार इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, बता दें कि नागपुर स्थित कंपनी ने स्टेशनों पर ईजीस्पिट ​वेंडिंग मशीन लगाना शुरू कर दिया है. ईजीस्पिट की सह-संस्थापक रितु मल्होत्रा ​​ने कहा कि हमने मध्य, उत्तर और पश्चिम रेलवे (Railway)के 42 स्टेशनों के लिए भारतीय रेलवे (Railway)के साथ एक करार किया है.

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