लखीमपुर हिंसा मृतकों से मिलने पहुंचे राहुल-प्रियंका, मृतक पत्रकार के परिजनों से भी मिलेंगे

नई दिल्ली (New Delhi) . लखीमपुर खीरी में हुए बवाल में चार किसानों समेत 9 लोगों की जान चली गई. रविवार (Sunday) को हुई घटना को 90 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन अबतक किसी आरोपी की गिरफ्तारी तो दूर, किसानों को कुचलने वाले और फिर चार अन्य लोगों की जान लेने वाले आरोपियों की पहचान तक पुलिस (Police) नहीं कर पाई है. एक आरोपी को तो पता तक नहीं है कि उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी किसानों से मिलने लखीमपुर खीरी पहुंचे. इसके अलावा सभी विपक्षी दल एक बार में पांच लोगों के साथ लखीमपुर खीरी जा सकेंगे.

बता दें कि चारों मतृक किसानों के पोस्टमार्टम पर भी सवाल उठे थे, एक किसान का दोबारा पोस्टमार्टम भी कराया गया. हालांकि, प्रशासन ने अब किसी तरह किसान संगठनों और परिजनों को समझा-बुझाकर चारों किसानों का अंतिम संस्कार करा दिया है.

अबतक पूछताछ भी नहीं हुई
तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस (Police) की कार्रवाई में वह चुस्ती दिखाई नहीं पड़ रही है. हालांकि, आईजी लखनऊ (Lucknow) रेंज लक्ष्मी सिंह की तरफ से बयान आया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा इस मामले में नामजद आरोपी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन अबतक पूछताछ तक ना होने की वजह से विपक्ष के साथ-साथ पीडि़त पक्ष का भी सब्र का बांध टूट रहा है.

घटना के 10 से ज्यादा वीडियो आए सामने
लखीमपुर हिंसा से जुड़े अलग-अलग 10 वीडियो अबतक सामने आ चुके हैं. इसमें किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का वीडियो, गाड़ी से निकलकर भागते शख्स का वीडियो भी शामिल है. गाड़ी से निकलकर किसानों से बचकर भागता शख्स सुमित है. सुमित ने कहा है कि उनकी गाड़ी पर पथराव हो रहा था, जिसकी वजह से गाड़ी कंट्रोल से बाहर थी और उसी दौरान हादसा हुआ. बता दें कि फिलहाल प्रशासन ने लखीमपुर हिंसा मामले की न्यायिक जांच के लिए कमिटी गठित की है. इस एसआईटी में छह सदस्य हैं.

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