
Mumbai , 21 जुलाई . Maharashtra में Political बयानबाजी के बीच शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कांग्रेस, Lok Sabha स्पीकर के फैसले और पार्टी सांसदों की भूमिका को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को मजबूत बताते हुए उद्धव ठाकरे गुट पर भी निशाना साधा.
नीट पेपर लीक से लेकर छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी राजू वाघमारे ने सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस युवाओं से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट तरीके से सामने नहीं आ रहे हैं. पेपर लीक जैसी घटनाएं गलत हैं और छात्रों के हितों की रक्षा होनी चाहिए, क्योंकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ता है.”
उन्होंने कहा, “वह भी छात्र जीवन से गुजर चुके हैं और समझते हैं कि परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ऐसी घटनाएं कितनी परेशान करने वाली होती हैं. हालांकि, हर मामले में सीधे इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है और जांच प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए.”
वाघमारे ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, “पार्टी कई मुद्दों पर Political गणना के आधार पर अपना रुख तय करती है. कांग्रेस को डर है कि यदि वह कुछ आंदोलनों का खुलकर समर्थन करती है तो उसके समर्थक दूसरी Political ताकतों की ओर जा सकते हैं.”
Lok Sabha स्पीकर ओम बिरला द्वारा शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने को मान्यता दिए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजू वाघमारे ने इसे सही निर्णय बताया. उन्होंने कहा, “दो-तिहाई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद स्पीकर ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उन्हें पार्टी का हिस्सा माना है.”
उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे अपनी Political रणनीति के अनुसार जो करना चाहते हैं, कर सकते हैं, लेकिन इससे शिवसेना की मौजूदा स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आज एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास अधिक सांसद हैं और एनडीए गठबंधन भी पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है. पार्टी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का भरोसा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर कायम है.”
शिवसेना सांसदों को केंद्र Government में मंत्री पद मिलने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल पर वाघमारे ने कहा, “शिवसेना एनडीए का हिस्सा है और इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे करेंगे. हालांकि, संख्या और गठबंधन में भूमिका को देखते हुए शिवसेना को मंत्री पद मिलने की चर्चा पहले से चल रही है.”
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एससीएच/डीकेपी
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