राहुल गांधी ‘झारखंड की गूंज’ नहीं सुन पा रहे हैं: राज्य मंत्री संजय सेठ

New Delhi, 12 अगस्त . केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने Jharkhand में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. रक्षा राज्य मंत्री ने Wednesday को Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ‘Jharkhand की गूंज’ नहीं सुन पा रहे हैं.

संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राज्य मंत्री सेठ ने कहा कि लाठीचार्ज में छात्रों के घायल होने के बावजूद राहुल गांधी अभी तक Jharkhand नहीं गए हैं. वह देश में झूठ की सबसे बड़ी फैक्ट्री हैं. वह अपनी पसंद की चीजें ही चुनते हैं. वह ‘Jharkhand की गूंज’ नहीं सुन पा रहे हैं.

भाजपा नेता ने आगे कहा कि उनमें (राहुल गांधी) Jharkhand जाने की हिम्मत नहीं है क्योंकि कांग्रेस मौजूदा राज्य (Jharkhand) Government में सहयोगी है, इसलिए उनमें वहां जाने का साहस नहीं है.

राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि कल रात 1 बजे रांची के डिप्टी कमिश्नर (मंजूनाथ भजंत्री) और रांची के सीनियर एसपी (राकेश रंजन) छात्रों को धमकाने गए, उनसे उठने को कहा और उसी समय रात में बिजली काट दी गई. आज सुबह ही जब छात्रों ने बिजली बहाल करने के लिए अपने पैसे से जनरेटर का इंतजाम किया, तो Police ने उसे भी हटा दिया.

उन्होंने Jharkhand Government पर ‘तानाशाही रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि ‘लगभग 400 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है.’

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे (घोटाले से) किसे फायदा हुआ? छात्र यही पूछ रहे हैं. सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं की जा रही है? ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें Jharkhand के Chief Minister (हेमंत सोरेन) और कांग्रेस से जुड़े लोग शामिल हैं. वे जानते हैं कि अगर सीबीआई जांच होती है तो Jharkhand मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेल जा सकते हैं और राज्य Government मुश्किल में पड़ सकती है.

इसके अलावा, राज्य मंत्री सेठ ने कहा कि Jharkhand के छात्र दृढ़ हैं और बिजली काटे जाने पर भी अपना आंदोलन जारी रखेंगे.

उन्होंने कहा कि उन्हें कोई डरा-धमका नहीं सकता.

वहीं, BJP MP निशिकांत दुबे ने सवाल किया कि कांग्रेस के लिए Jharkhand के छात्रों का आंदोलन एक अलग मुद्दा क्यों है?

संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि रांची के डीसी, एसपी, डीजीपी और मुख्य सचिव प्रदर्शनकारी बच्चों के साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं—मैंने ऐसा अत्याचार कभी नहीं देखा.

आंदोलन कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी उम्मीदवारों की मांग के बावजूद परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की अनुमति न दिए जाने पर सवाल उठाते हुए BJP MP ने कहा कि वे (Jharkhand Government) जानते हैं कि अगर ठीक से जांच हुई, तो (Chief Minister ) हेमंत सोरेन से लेकर मुख्य सचिव तक सभी की मिलीभगत सामने आ जाएगी.

एमएस/