तमिलनाडु में नर्सिंग छात्रा की मौत पर उठा सवाल, मुआवजे और न्यायिक जांच की मांग

त्रिची, 23 मई . तमिलनाडु के त्रिची सरकारी जनरल अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए राज्य Government से छात्रा के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.

छात्रा की पहचान 21 वर्षीय गीतालक्ष्मी के रूप में हुई है. वह त्रिची सरकारी अस्पताल के नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल में दूसरे वर्ष की छात्रा थी. गीतालक्ष्मी पुदुकोट्टई जिले के कोलाथुर तालुका के थोंडामानल्लुर गांव निवासी सेट्टू की बेटी थी. बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से नाक से जुड़ी समस्या से परेशान थी और उसका इलाज उसी सरकारी अस्पताल में चल रहा था, जहां वह प्रशिक्षण भी ले रही थी.

इलाज के दौरान उसे एनेस्थीसिया दिया गया, लेकिन आरोप है कि एनेस्थीसिया देने से पहले किए जाने वाले जरूरी मेडिकल टेस्ट नहीं किए गए. इसी लापरवाही के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई. परिजनों और पार्टी नेताओं का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद छात्रा को समय पर उचित इलाज नहीं मिला. यह भी कहा जा रहा है कि पूरी रात छात्रा को सही उपचार नहीं दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

इस घटना के सामने आने के बाद त्रिची जिले में लोगों के बीच नाराजगी देखी जा रही है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्य Government और Chief Minister से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके.

पार्टी ने यह भी मांग की है कि छात्रा के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए. फिलहाल इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन घटना ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

एसएचके/