
रांची, 12 जून . रांची के बहुचर्चित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ मृतक के पिता मनबहाल महतो की प्रोटेस्ट पिटीशन पर Friday को विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई. मामले में आंशिक बहस हुई और अदालत ने अगली सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तारीख निर्धारित की है.
सुनवाई के दौरान मनबहाल महतो की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए उसके निष्कर्षों का विरोध किया. अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई अगले सप्ताह करने का निर्णय लिया. यह मामला लगभग एक दशक पुराना है. रांची-खूंटी रोड पर स्थित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल परिसर में 4-5 फरवरी 2016 की रात सातवीं कक्षा के 12 वर्षीय छात्र विनय महतो की निर्मम हत्या कर दी गई थी. अगली सुबह उसका शव टीचर्स स्टाफ क्वार्टर के कॉरिडोर के पास खून से लथपथ हालत में मिला था.
घटना के बाद रांची Police ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे ‘ऑनर किलिंग’ का मामला बताया था. Police थ्योरी के अनुसार, विनय का स्कूल की हिंदी शिक्षिका नाजिया हुसैन की बेटी के प्रति झुकाव था, जिससे नाराज होकर शिक्षिका के 11वीं में पढ़ने वाले बेटे ने विनय पर जानलेवा हमला किया और बाद में उसे पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया. Police ने शिक्षिका नाजिया, उनके पति मोहम्मद आरिफ और उनके दो नाबालिग बच्चों को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया था.
हालांकि, जुलाई 2018 में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने साक्ष्य के अभाव में दोनों नाबालिग बच्चों को बाइज्जत बरी कर दिया, जिसके बाद जिला अदालत ने दोबारा सुनवाई का आदेश दिया था. Police की जांच में कई खामियों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के नष्ट होने का आरोप लगाते हुए मृतक के पिता ने Jharkhand हाई कोर्ट की शरण ली थी.
हाईकोर्ट के आदेश पर जुलाई 2022 में इस केस का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया. मामले में नया मोड़ पिछले महीने तब आया जब सीबीआई ने कोर्ट में अपनी क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी. सीबीआई ने अपने निष्कर्ष में हत्याकांड या आपराधिक साजिश की थ्योरी को खारिज करते हुए विनय की मौत को एक दुर्घटना करार दिया. इस रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर विनय के पिता मनबहाल महतो ने सीबीआई के दावों को कोर्ट में चुनौती दी है.
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एसएनसी/पीएम
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