
New Delhi, 24 जुलाई . संसद के मानसून सत्र का प्रथम सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ गया. पूरे सप्ताह एक भी दिन राज्यसभा व Lok Sabha में न तो प्रश्नकाल चल सका और न ही शून्यकाल की कोई कार्यवाही हुई. Friday को भी दोनों सदनों में यही स्थिति बनी रही और Lok Sabha व राज्यसभा दोनों में प्रशनकाल की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई.
इस बीच, विपक्ष ने फिर दोहराया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक विपक्षी सांसद चर्चा नहीं करेंगे. Friday को हुए हंगामे के कारण पहले Lok Sabha में प्रश्न काल नहीं चल सका और फिर राज्यसभा में भी यही स्थिति बनी रही. सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद Lok Sabha व राज्यसभा में शोर व हंगामे के कारण कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी. इसके बाद, Lok Sabha की कार्यवाही Monday तक के लिए स्थगित कर दी गई.
इस बीच सदन से बाहर आए विपक्षी सांसदों केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की. Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होने के बाद ही सदन में चर्चा होगी.
वहीं, Friday को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे ही अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शोर-शराबा बढ़ गया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की. वह जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों व उन पर हुई कार्रवाई पर बोल रहे थे. हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. 12 बजे सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए व सदन में Government को इस विषय पर बयान देना चाहिए. इस दौरान सदन में फिर से हंगामा शुरू हो गया और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
Lok Sabha में भी कार्यवाही शुरू होते ही वहां भी विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे. कई सांसदों अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी. लगातार व्यवधान के कारण Lok Sabha की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. कुछ ऐसी ही स्थिति राज्यसभा में भी रही. यहां लगातार जारी गतिरोध को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही भी एक बार फिर स्थगित कर दी गई. मानसून सत्र के दौरान लगातार पूरे सप्ताह हंगामे के कारण प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य विधायी कार्य प्रभावित रहे.
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जीसीबी/एसके
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