‘वंदे मातरम’ बिल का काजी मोहम्मद अरशद ने किया समर्थन, कहा- विरोध करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

आजमगढ़, 20 जुलाई . प्रस्तावित वंदे मातरम बिल को लेकर देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मुस्लिम समुदाय के काजी मोहम्मद अरशद ने इस प्रस्तावित विधेयक का समर्थन करते हुए इसे देश की गरिमा और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि यदि वंदे मातरम के सम्मान की रक्षा के लिए कानून बनाया जाता है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए और उसका विरोध करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी होना चाहिए.

काजी मोहम्मद अरशद ने से बातचीत के दौरान कहा, “मेरी समझ के अनुसार, वंदे मातरम देशहित और राष्ट्र की एकता का प्रतीक है. यह केवल एक गीत या नारा नहीं, बल्कि India की शक्ति, सम्मान और गौरव का प्रतीक है. ऐसे में यदि Government इसके सम्मान की रक्षा के लिए विधेयक लाना चाहती है, तो यह एक सकारात्मक पहल है.”

उन्होंने कहा, “प्रस्तावित बिल में यदि वंदे मातरम का सार्वजनिक रूप से अपमान करने या उसका विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और दंड का प्रावधान किया जाता है, तो इसका समर्थन किया जाना चाहिए. सार्वजनिक सभाओं, सरकारी कार्यक्रमों या किसी संस्था में यदि वंदे मातरम गाया जा रहा हो और कोई व्यक्ति या समूह उसका विरोध करता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.”

काजी मोहम्मद अरशद ने कहा, “ऐसे मामलों में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उचित दंड और आर्थिक जुर्माने का भी प्रावधान होना चाहिए. मेरा मानना है कि यह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान का विषय है. इसलिए India की मान-मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए. वंदे मातरम का विरोध किसी भी Political दल या समुदाय को नहीं करना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इसे राष्ट्रीय सम्मान के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए. जब लोग वंदे मातरम कहते हैं, तो उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का सम्मान करना होता है. देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना हर नागरिक का कर्तव्य है. सभी Political दलों और सामाजिक संगठनों को विवाद का विषय बनाने के बजाय राष्ट्रीय एकता और देशहित के नजरिए से देखना चाहिए.

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