‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे, पंजाब पुलिस ने 629 बड़े ड्रग तस्करों को किया गिरफ्तार: डीजीपी

चंडीगढ़, 19 जुलाई . पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे होने पर Police महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि इस अवधि में Police ने 629 बड़े ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है. अभियान के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए और संगठित तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया.

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि 1 मार्च 2025 को शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 52,432 First Information Report दर्ज की गई हैं और 68,850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 629 ऐसे बड़े तस्कर शामिल हैं, जिनके पास से दो-दो किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई. जब्त हेरोइन की कुल अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है.

उन्होंने कहा कि कार्रवाई के साथ-साथ Government ने नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया है. एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64-ए के तहत 10,917 लोगों को अभियोजन से छूट देकर इलाज और पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराया गया है.

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रमुख नीलाभ किशोर ने बताया कि अभियान के दौरान ड्रग तस्करों की 319 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त या कुर्क की गई हैं. वहीं, मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त किया गया है.

उन्होंने बताया कि अभियान की एक बड़ी सफलता ‘सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन (97791-00200)’ रही है. इस हेल्पलाइन पर अब तक 46,342 गुमनाम सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर 22,960 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों के अनुसार, इससे पंजाब Police के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है और सामुदायिक Policeिंग को मजबूती मिली है.

डीजीपी यादव ने कहा कि पंजाब Police ने केवल गिरफ्तारी पर ही नहीं, बल्कि प्रभावी जांच और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है. उन्होंने बताया कि एनडीपीएस मामलों में 89 प्रतिशत दोषसिद्धि दर के साथ पंजाब देश में सबसे आगे है. इसका श्रेय बेहतर जांच, मजबूत साक्ष्य संग्रह और अभियोजन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय को जाता है.

Police के अनुसार, नशे के खिलाफ इस अभियान में 24,000 से अधिक ग्राम रक्षा समितियां, जिनमें 1.25 लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं, गांव स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और खुफिया जानकारी जुटाने में सहयोग कर रही हैं. इसके अलावा राज्यभर में शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और सामुदायिक नेताओं के सहयोग से जागरूकता अभियान, खेल प्रतियोगिताएं, युवा संवाद कार्यक्रम और जनसभाएं आयोजित कर नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.

डीएससी