
पटियाला, 10 जून . पंजाब में शहरी साफ-सफाई की मुहिम में एक बड़ा बदलाव लाते हुए राज्य के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने Wednesday को अपनी तरह के पहले ‘हाइब्रिड सफाई मॉडल’ की घोषणा की. इस मॉडल से शहर एक महीने के भीतर राज्य का सबसे साफ-सुथरा शहर बन जाएगा और आगे चलकर पंजाब India का सबसे साफ-सुथरा राज्य बन जाएगा.
Wednesday सुबह पटियाला की सड़कों पर नए सिस्टम का डेमो देते हुए, बैंस ने कहा कि इस हाइब्रिड मॉडल में मशीनों से झाड़ियां काटने, सुपर-सक्शन मशीनों और स्क्रबर्स के साथ-साथ मैन्युल वेस्ट कलेक्शन और सड़क धोने का काम शामिल है. यह हर वार्ड के लिए पहले से तय साप्ताहिक सफाई शेड्यूल के हिसाब से काम करेगा.
बैंस ने एक बयान में कहा कि Chief Minister भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब India का सबसे एडवांस्ड सफाई सिस्टम लागू करने की कोशिश कर रहा है. ये ऑटोमैटिक झाड़ी काटने वाली मशीनें और सुपर-सक्शन मशीनें पक्का करेंगी कि हर Monday को सड़कें और गलियां साफ हों. एक बार में ही घास, मलबा और कचरा साफ हो जाएगा.
सफाई के चार-चरण वाले प्रोटोकॉल में जंगली घास और झाड़ियों को मशीनों से काटना, उसके बाद बागवानी और भारी कचरे को हाथों से उठाना, बची-खुची गंदगी को सक्शन से साफ करना और सड़क धोना शामिल है.
उन्होंने कहा कि अगला Monday और भी बेहतर होगा और हर सप्ताह इसमें सुधार होता रहेगा. जहां भी आपको सड़क चमकती हुई दिखे, वह इसी सिस्टम का नतीजा है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सफाई कर्मचारी इस पहल के केंद्र में हैं, क्योंकि दूसरा चरण पूरी तरह से ऑर्गेनिक कचरा इकट्ठा करने के लिए उन्हीं पर निर्भर है.
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि हमारे सफाई सेवक हमारे मुख्य सहयोगी हैं. मशीनें भारी और बारीकी वाला काम संभालती हैं. इस सिस्टम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मेहनत वाला काम कम हो और काम करने की क्षमता बढ़े. एक बार जब सड़कें चमकने लगेंगी, तो डीप क्लीनिंग की जरूरत अपने आप कम हो जाएगी, लेकिन सफाई बढ़ती ही जाएगी.
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि एक महीने के अंदर पटियाला को पंजाब का सबसे साफ शहर बनाया जाए. उसके बाद, हम इस पहल को पूरे पंजाब में लागू करेंगे.
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डीकेएम/एबीएम
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