
मोहाली, 4 जुलाई . पंजाब के बहुचर्चित अपहरण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने Saturday को पंजाब Police के तत्कालीन हेड constable कश्मीर सिंह को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. कश्मीर सिंह करीब 15 वर्षों तक फरार रहा था और उसे सीबीआई ने नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था.
सीबीआई के अनुसार, यह मामला 20 मार्च 2006 को पंजाब एवं Haryana हाईकोर्ट के 27 जनवरी 2006 के आदेश के अनुपालन में दर्ज किया गया था. यह याचिका पीड़ित बलजीत सिंह की पत्नी ने दायर की थी, जिसमें तत्कालीन थाना चबाल (जिला तरनतारन) के एसएचओ सुबा सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, हेड constable कश्मीर सिंह और constable रावल सिंह पर उनके पति के अपहरण और अवैध हिरासत का आरोप लगाया गया था.
जांच में सामने आया कि 7 अगस्त 1991 को Policeकर्मी बलजीत सिंह को अपने साथ ले गए और उन्हें करीब 10 दिनों तक थाना चबाल में हिरासत में रखा गया. इस दौरान परिवार के लोग एक दिन छोड़कर उनसे मिलते रहे, लेकिन 10 दिन बाद Police अधिकारियों ने बलजीत सिंह को अपनी हिरासत में होने से ही इनकार कर दिया, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका.
सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद 26 अप्रैल 2007 को आरोपपत्र दाखिल किया.
इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 29 मार्च 2023 को आरोपी दलबीर सिंह, सुबा सिंह और रावल सिंह को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.
वहीं, आरोपी हेड constable कश्मीर सिंह सुनवाई के दौरान फरार हो गया था. अदालत ने 21 जुलाई 2010 को उसे भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित कर दिया था.
करीब 15 वर्षों तक कानून से बचने के बाद सीबीआई ने कश्मीर सिंह को 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ 2 मार्च 2026 को आरोप तय किए गए और अब सीबीआई की विशेष अदालत, मोहाली ने उसे भी सह-आरोपियों के समान पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
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डीएससी
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