
चंडीगढ़, 5 मई . पंजाब के Police महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने Tuesday को लुधियाना में ग्राउंड लेवल Policeिंग की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने Policeिंग में स्मार्ट और एडवांस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की जरूरत पर बल दिया.
डीजीपी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि आज मैंने जमीनी स्तर पर Policeिंग की समीक्षा करने और स्मार्ट, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रणालियों पर अपने फोकस को मजबूत करने के लिए लुधियाना का दौरा किया. मैंने फील्ड अधिकारियों के साथ एक व्यापक बैठक की, जिसमें जनता की शिकायतों के त्वरित और नागरिक-केंद्रित समाधान पर जोर दिया गया.
उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) नागरिकों को समर्पित किया गया है, जो निवारक Policeिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यातायात, पीसीआर, सुरक्षित शहर और वायरलेस प्रणालियों को एकीकृत करके, आईसीसीसी ने Police कार्य में तालमेल और समन्वय को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है और पीसीआर प्रतिक्रिया समय को 15 मिनट से घटाकर मात्र 7/8 मिनट कर दिया है.
उन्होंने कहा कि पंजाब Police उद्योग के प्रमुख अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टर ते वार’ जमीनी स्तर पर लगातार प्रभावशाली परिणाम दे रहे हैं. आपसी सौहार्द और टीम भावना को और मजबूत करने के लिए, मैंने Police लाइंस में आयोजित एक बड़े भोजन कार्यक्रम में अपने Policeकर्मियों के साथ भोजन किया, जहां 550 से अधिक Policeकर्मियों ने एक साथ भोजन किया. इस तरह की मुलाकातें सौहार्द, एकता और जनता की सेवा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं.
इससे पहले डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आज पंजाब Police ने एक गैंगस्टर-विरोधी हेल्पलाइन शुरू की है, जिसमें जनता से 93946-93946 पर सीधे सूचना साझा करने का अनुरोध किया गया है ताकि वांछित अपराधियों को पकड़ने में मदद मिल सके.
उन्होंने कहा कि सभी सूचनाओं को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी. गैंगस्टरों की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर 10 लाख रुपए तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. गैंगस्टरों से संबंधित किसी भी अपराध की स्थिति में, जनता से आग्रह किया जाता है कि वे अपराधियों को पकड़ने में Police की सहायता के लिए तुरंत सूचना साझा करें.
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एमएस/
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