पंजाब: सीएम मान ने 61.82 करोड़ रुपए की धुस्सी बांध परियोजना की आधारशिला रखी

चंडीगढ़, 19 जून . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने Friday को जालंधर जिले में 61.82 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 37.93 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना की आधारशिला रखी. इस परियोजना से सतलुज इलाके में दशकों से चली आ रही बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान होगा.

शाहकोट-मोगा-रामपुर रोड को गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध से जोड़ने वाली इस परियोजना को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह एक महत्वपूर्ण सड़क कॉरिडोर और बाढ़ से सुरक्षा देने वाली मजबूत दीवार, दोनों का काम करेगी. इससे 15 गांवों के हजारों परिवारों को फायदा होगा.

बार-बार आने वाली बाढ़ से निवासियों को बचाने के अलावा यह परियोजना मुख्य सड़क नेटवर्क पर ट्रैफिक जाम को कम करेगी, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और विश्व स्तरीय सड़कें बनाने के Government के चल रहे अभियान के तहत राज्य के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी.

इस मौके पर राज्यसभा सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और अन्य लोग भी मौजूद थे.

सीएम मान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सतलुज नदी के किनारे बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क की कुल लंबाई 37.93 किलोमीटर होगी.

उन्‍होंने कहा कि हमारी Government ने इस बड़े बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए 61.82 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं. शाहकोट और लोहियां इलाकों में रहने वाले लोग दशकों से बाढ़ के लगातार खतरे के बीच जी रहे हैं. पिछली Governmentों ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन इस ग्रामीण इलाके की बुनियादी ढांचागत जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया.

Chief Minister ने कहा कि उनकी Government सिर्फ झूठे वादे करने के बजाय नतीजे देने में विश्वास रखती है. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद इस इलाके के लोगों की मुश्किलों को देखा है, जब बारिश के मौसम में गांव बाकी जगहों से कट जाते थे.

उन्‍होंने कहा कि धुस्सी बांध पर इस सड़क के निर्माण से सतलुज नदी के किनारे का तटबंध और मजबूत होगा और यह स्थानीय आबादी के लिए बाढ़ से जुड़े खतरों के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगा.

सीएम ने कहा कि यह सड़क इलाके के लगभग 15 गांवों में रहने वाले करीब 15,000-16,000 निवासियों को रोजाना आने-जाने में काफी सुविधा प्रदान करेगी. यह शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मखू रोड से जोड़ेगा और एक असरदार बाईपास के तौर पर काम करेगा, जिससे मौजूदा रास्ते पर ट्रैफिक जाम काफी कम हो जाएगा.

मानसून के दौरान, यह सड़क किसानों, स्कूल बसों और आम लोगों के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि इससे बिना किसी रुकावट के आसानी से आवाजाही हो सकेगी.

एएसएच/डीकेपी