पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को जल्द मिलेंगे दो स्थायी जज, Supreme Court कॉलेजियम ने दी मंजूरी

New Delhi, 3 जून . Supreme Court कॉलेजियम ने पंजाब और Haryana हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश को मंजूरी दी है.

यह फैसला न्यायिक व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले Supreme Court कॉलेजियम ने 2 जून को हुई अपनी बैठक में यह निर्णय लिया. कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति हरमीत सिंह ग्रेवाल और न्यायमूर्ति दीपिंदर सिंह नलवा को पंजाब एवं Haryana हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश को स्वीकृति प्रदान की है.

Supreme Court की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि कॉलेजियम ने दोनों अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके बाद अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति India के President द्वारा की जाती है. किसी अतिरिक्त न्यायाधीश को स्थायी न्यायाधीश बनाने से पहले संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को विस्तृत रिपोर्ट और आंकड़े प्रस्तुत करने होते हैं.

इन आंकड़ों में संबंधित न्यायाधीश द्वारा महीनेवार निपटाए गए मामलों की संख्या, फैसलों का विवरण, विधिक पत्रिकाओं में प्रकाशित निर्णयों की संख्या और न्यायिक कार्यक्षमता से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं.

इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी बताया जाता है कि संबंधित न्यायाधीश ने कुल कितने कार्य दिवसों में काम किया, कितने दिनों तक अदालत में उपस्थित रहे और कितने दिनों तक अनुपस्थित रहे. इन सभी तथ्यों के आधार पर कॉलेजियम स्थायी नियुक्ति पर फैसला करता है.

बता दें कि इसी दिन Supreme Court कॉलेजियम ने कर्नाटक, Madhya Pradesh और Himachal Pradesh हाईकोर्ट में भी नई न्यायिक नियुक्तियों के लिए सिफारिशें की थीं. ऐसे में न्यायपालिका में लंबित रिक्तियों को भरने और अदालतों की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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