पश्चिम बंगाल में टीएमसी पर बढ़ा जनआक्रोश, हालात के लिए पार्टी खुद जिम्मेदार: तारकिशोर प्रसाद

कटिहार, 31 मई . बिहार के पूर्व उपChief Minister तारकिशोर प्रसाद ने Sunday को समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीति और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो Political हालात बने हैं, उसके लिए टीएमसी Government और उसके नेताओं की कार्यशैली जिम्मेदार है.जनता के बीच टीएमसी के प्रति नाराजगी पहले से ही बढ़ रही थी, जिसका असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है.

तारकिशोर प्रसाद ने आरोप लगाया कि टीएमसी और उसके नेता अक्सर किसी भी घटना के बाद बिना जांच के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा देते हैं. उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और बंगाल की राजनीति में यह प्रवृत्ति लंबे समय से देखने को मिल रही है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से कमजोर हुई है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अगर किसी भी घटना में कोई शिकायत या अपराध सामने आता है तो पश्चिम बंगाल में अब एक सुशासन वाली Government काम कर रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी. साथ ही उन्होंने टीएमसी नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं पर भी आत्ममंथन करना चाहिए.

इस पूरे मामले पर शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हाल ही में जब अभिषेक बनर्जी एक पीड़ित परिवार से मिलने गए थे, तब जिस तरह से स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई, वह Political माहौल में जनता के गुस्से को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुआ घटनाक्रम नहीं है, बल्कि लंबे समय से दबा हुआ जनआक्रोश है जो अब सामने आ रहा है.

उन्होंने कहा कि टीएमसी शासन के दौरान कई मामलों में पीड़ितों को न्याय देने के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने की धारणा जनता के बीच बनी है. उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाएं अब बाहर आ रही हैं और इसे समझना जरूरी है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन लोगों के गुस्से को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता.

वाघमारे ने कहा कि यह पूरी स्थिति ‘एक्शन और रिएक्शन’ का नतीजा है. उनके अनुसार, जब किसी समाज में लंबे समय तक असंतोष रहता है तो वह किसी न किसी रूप में सामने आता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि Political मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर हिंसा का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए.

पीआईएम/डीकेपी