
Mumbai , 20 जुलाई . शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने संसद के मानसून सत्र, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन अब कुछ दल छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल अपने Political हितों के लिए कर रहे हैं.
संजय निरुपम ने कहा कि शुरुआत में नीट में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई गई आवाज उचित थी. इस मुद्दे पर Government पर नैतिक दबाव बना और उसी का परिणाम रहा कि Government ने आवश्यक कदम उठाए. Government ने दोबारा परीक्षा आयोजित कराई, परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, पेपर लीक जैसी कोई शिकायत सामने नहीं आई और परिणाम भी घोषित कर दिए गए. 11 लाख बच्चे परीक्षा में पास हुए हैं और अब छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि Government अपनी जिम्मेदारी निभा रही है.
निरुपम ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी अनशन, संसद मार्च और प्रदर्शन जारी रखना जनहित नहीं, बल्कि Political गतिविधि बन गया है. उन्होंने इसकी तुलना वर्ष 2010-11 के अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से करते हुए कहा कि उस आंदोलन से बाद में एक Political दल का गठन हुआ और मूल मुद्दा पीछे छूट गया. देश के युवाओं को ऐसे आंदोलनों के Political पहलुओं को समझना चाहिए. पेपर लीक एक गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन Government भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न Political दल, जिनमें उद्धव ठाकरे गुट, वामपंथी दल और आम आदमी पार्टी शामिल हैं, छात्रों के मुद्दे का Political लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे आंदोलनों से सावधानीपूर्वक दूरी बनाए रखें और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए रचनात्मक प्रयासों पर भरोसा करें.
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर संजय निरुपम ने इसे अत्यंत शर्मनाक घटना बताया. उन्होंने कहा कि भगवान राम के जन्मस्थान पर बने भव्य मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी पूरे देश और हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाली घटना है. इस प्रकार का अपराध करने वालों के खिलाफ इतनी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी मंदिर में चढ़ावा या दान राशि की चोरी करने से पहले कई बार सोचे. इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. ऐसे में कांग्रेस द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग उठाना उन्हें Political कदम प्रतीत होता है.
संसद के मानसून सत्र पर निरुपम ने कहा कि Government ने सर्वदलीय बैठक के दौरान सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपील की है. Prime Minister मोदी ने भी विपक्ष से आग्रह किया है कि संसद के समय का सदुपयोग किया जाए और जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो. लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व Government से सवाल पूछना है और Government जवाब देने के लिए तैयार है. लेकिन, संसद का उपयोग केवल टकराव, व्यवधान या Political लाभ लेने के उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए.
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/एबीएम
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