जंतर-मंतर पर प्रदर्शन : नसीरुद्दीन शाह ने प्रशासन को घेरा, प्रीति जिंटा ने की बातचीत की अपील

Mumbai , 22 जुलाई . शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान Police और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प पर Actor नसीरुद्दीन शाह और Actress प्रीति जिंटा ने प्रतिक्रिया दी है. जहां नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार की आलोचना की, वहीं प्रीति जिंटा ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की.

नसीरुद्दीन शाह ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए छात्रों के साथ कथित बर्ताव पर नाराजगी जताई और Political नेतृत्व पर भी निशाना साधा.

वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं नसीरुद्दीन शाह आप सभी से दो बातें कहना चाहता हूं. पहली यह कि अगर कोई अनजान व्यक्ति इस देश को लीड करता है, तो उसका दिल चाहेगा कि पूरा देश भी उसकी तरह अनजान, नासमझ और बेरहम बन जाए. भले ही मैंने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया और एफटीआईआई से एक्टिंग के दो अलग-अलग कोर्स पूरे किए हैं, लेकिन मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा उन्हीं छात्रों से सीखा है, जिनसे सीखने की कोशिश की है. मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है.”

उन्होंने आगे कहा, “मेरी दुआएं उन बच्चों के साथ सदैव रहेंगी और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं. आज मेरा दिल बहुत दुखी और गुस्से से भरा है. मुझे यह देखकर बहुत पीड़ा हो रही है कि इन बच्चों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया जा रहा है. जो लोग इनके साथ ऐसा कर रहे हैं, वे मुझे अमेरिका के आईसीई एजेंटों की याद दिलाते हैं, जो चेहरे पर मास्क लगाकर और हाथों में डंडे लेकर लोगों के साथ सख्ती करते हैं. मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं कि एक बार अपने बच्चों के बारे में भी सोचें. यह भी याद रखें कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता, और एक दिन ऐसी स्थिति आपके सामने भी आ सकती है. मैं इन सभी बच्चों से कहना चाहता हूं कि हिम्मत मत हारो. बहुत से लोग तुम्हारे साथ हैं और तुम्हारा समर्थन करते हैं. अपनी लड़ाई जारी रखो. मुझे हमेशा हमारे देश के युवाओं पर भरोसा रहा है, और अब यह भरोसा पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गया है. डटे रहो, हम सब तुम्हारे साथ हैं और आखिर में मैं इस देश की Government से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि आज जो कुछ हो रहा है, उसे याद रखिए.”

वहीं, Actress प्रीति जिंटा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि छात्रों का समर्थन करना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करना युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है, लेकिन प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी देश-विरोधी तत्व का माध्यम नहीं बनना चाहिए.

उन्होंने लिखा, “social media पर वायरल वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि कुछ शरारती और देश-विरोधी तत्व, चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर, छात्रों के गुस्से और निराशा का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.”

प्रीति जिंटा ने कहा कि उन्हें मेहनत, समानता और उत्कृष्टता के मूल्यों पर विश्वास है तथा लोकतंत्र, कानून-व्यवस्था और Government पर भी भरोसा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और आंदोलन में किसी भी गलत मंशा या शरारती तत्व की भूमिका को समाप्त करेंगे, जिससे युवाओं का भविष्य और लोकतंत्र दोनों मजबूत होंगे.

एनएस/एएस