पश्चिम बंगाल: मालदा के एक अस्पताल में नाबालिग की मौत के बाद विरोध-प्रदर्शन

कोलकाता, 11 अगस्त . मालदा जिले के एक हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही के कारण आठ साल की बच्ची की मौत का आरोप लगाते हुए Tuesday को विरोध-प्रदर्शन हुआ.

हालात को काबू में करने के लिए Police मौके पर पहुंची. मृतक लड़की का घर हरीशचंद्रपुर Police स्टेशन इलाके में है. उसे दो दिन से बुखार था.

जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसे एक अस्पताल लाया गया और बच्चों के विभाग में भर्ती कराया गया.

परिवार का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सौमेन सॉ ने बिना सही इलाज किए लड़की को मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर कर दिया.

Tuesday को मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाते समय लड़की की मौत हो गई. इसके बाद, परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया.

उन्होंने डॉक्टरों, अस्पताल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और अधिकारियों से बहस की. जब हालात तनावपूर्ण हो गए, तो Police को सूचना दी गई और बाद में Police ने स्थिति को काबू में किया.

मृतक नाबालिग के मामा प्रदीप दास ने आरोप लगाया कि लड़की को बिना इलाज के ही रेफर कर दिया गया.

उन्होंने दावा किया कि जब परिवार वाले शिकायत करने गए तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उनके साथ बदसलूकी की. डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई.

सौमेन सॉ ने आरोपों से इनकार किया और स्थानीय मीडियाकर्मियों से कहा कि लापरवाही के आरोप ‘पूरी तरह झूठे’ हैं.

उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर डाल दी.

इस घटना के कारण सरकारी अस्पतालों की सेवाओं और डॉक्टरों की भूमिका पर फिर से सवाल उठ रहे हैं.

अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिवारों ने सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज की मांग की, खासकर राज्य में Government बदलने के बाद.

एससीएच/डीकेपी