रामविलास पासवान और कांशी राम को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पारित

New Delhi, 10 अगस्त . Union Minister चिराग पासवान ने Monday को लोजपा (रामविलास) पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्षता की. इस बैठक में पूर्व Union Minister रामविलास पासवान और बसपा संस्थापक कांशी राम को ‘India रत्न’ देने का प्रस्ताव पारित किया गया.

चिराग पासवान ने बताया कि बैठक में पार्टी की नीतियों, संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों एवं विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर पार्टी के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया. संगठन की मजबूती, जनसेवा के संकल्प और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हम सभी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे.

मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार हर 6 महीने में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होनी चाहिए और उससे जुड़े प्रस्ताव वहां पारित होने चाहिए. दिल्ली में इस बैठक का आयोजन किया गया. Government और मंत्रालय में विभिन्न जिम्मेदारियों और समय की कमी के कारण हमने इस कार्यक्रम को एक दिन तक ही सीमित रखा.

उन्होंने कहा कि मुख्य प्रस्तावों में मेरे नेता, मेरे पिता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान India रत्न से सम्मानित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. इसके साथ ही बहुजनों और अनुसूचित जातियों के लोगों की आवाज बनने के लिए लगातार काम करने वाले सम्मानित कांशी राम को भी ‘India रत्न’ देने का प्रस्ताव यहां पारित किया गया. उन्होंने बताया कि बैठक में आगामी चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई. हमारी पार्टी यूपी और पंजाब का विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

असम बाढ़ पर चिराग पासवान ने कहा कि यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है. हमारी राज्य इकाई और हमारे प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी ने पिछले कई दिनों से लगातार वहां पर लोगों तक मदद पहुंचाने का काम कर रही है. चाहे अनाज बांटकर हो या राहत शिविर चलाकर,Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा का हाथ मजबूत करने के लिए Government के साथ मिलकर काम किया है. यह निश्चित रूप से एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमारी जिम्मेदारी और जवाबदेही और भी बढ़ जाती है, क्योंकि यहां पर डबल इंजन की Government है. इसीलिए हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने.

Jharkhand में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन हुआ तो विदेशी फंडिंग की बात सामने आई, Jharkhand में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं तो एनडीए का हाथ बताया जा रहा है. मैं सभी Political दलों से कहूंगा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि संभवत इसी आंदोलन से कोई नेता बनकर सामने आए. मेरे पिता भी छात्र आंदोलन से ही उभरे थे.

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पिछले कई सत्रों का उदाहरण लीजिए, दो साल में जितने भी सत्र हुए, विपक्ष सदन को बाधित करना ही जानती है. अब उनके लिए एसआईआर मुद्दा नहीं रहा है, वे मुद्दा उठाते है, फिर छोड़ देते हैं, यूपी चुनाव जैसे ही नजदीक आएगा इनके लिए फिर से एसआईआर का मुद्दा अहम बन जाएगा. उन्होंने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की भी है, वे चाहते हैं कि चर्चा हो तो हमारी Government भी सभी विषय पर बातचीत और चर्चा करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल पर पूर्ण रूप से समर्थन है. अगर विपक्षी दल को किसी बात की चिंता हो रही है तो वे चर्चा कर सकते हैं.

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