रिश्तों में छोटे-छोटे समझौते ही बने ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ की प्रेरणा: प्रोड्यूसर समीक्षा ओसवाल

Mumbai , 23 जुलाई . मशहूर प्रोड्यूसर समीक्षा ओसवाल आगामी फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ की रिलीज को लेकर तैयार हैं. रिलीज से पहले उन्होंने बताया कि फिल्म उनकी जिंदगी की गहराई से जुड़ी है. समीक्षा ओसवाल ने के साथ बातचीत में बताया कि फिल्म का भावनात्मक आधार एक-दूसरे की पसंद और भावनाओं को समझने की यात्रा पर आधारित है.

उन्होंने कहा, “यह फिल्म उनके पति शैल के जानवरों के प्रति गहरे लगाव और समय के साथ खुद के पालतू जानवरों से बने रिश्ते की कहानी है. यह हमारी अपनी कहानी है. मुझे जानवरों से एलर्जी थी. मुझे वे पसंद तो थे, लेकिन उनके संपर्क में आते ही शरीर पर रैशेज हो जाते थे. इसलिए कुत्तों के साथ रहने के लिए मुझे लंबे समय तक एलर्जी की दवा लेनी पड़ती थी. वहीं, शैल जानवरों से बेहद प्यार करते हैं. उनके फार्महाउस में 100 से ज्यादा लावारिस कुत्ते हैं. उनके पालतू कुत्ते शैल से इतना लगाव रखते थे कि उनके साथ ही सो जाते थे. वे शैल पर इतना अधिकार जताते थे कि उन्हें मेरा उनके करीब आना भी पसंद नहीं था.”

उन्होंने कहा, “उनका भरोसा जीतने और उन्हें अपना बनाने के लिए मुझे भावनात्मक रूप से काफी संघर्ष करना पड़ा. धीरे-धीरे वे मेरे भी ‘फर बेबीज’ बन गए. जब शैल ने एक बिल्ली पर आधारित फिल्म बनाने की इच्छा जताई, तब मुझे एहसास हुआ कि हम अपने साथी के लिए जो छोटे-छोटे समझौते करते हैं, उन पर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता. यही भावना इस फिल्म की प्रेरणा बनी. यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि कई लोगों की कहानी है, लेकिन अफसोस यह है कि ऐसी कहानियां कम ही सामने आती हैं. हमारे निर्देशक भी इस कहानी से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते थे. जब उन्होंने हमें यह कहानी सुनाई, तो हमें यह तुरंत अपनी जिंदगी जैसी लगी.”

समीक्षा ने बताया कि वे बिल्ली पर आधारित फिल्म को लेकर काफी ज्यादा उत्साहित थीं. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक बिल्ली की कहानी नहीं है, बल्कि प्यार, बिछड़ने के दर्द, भावनात्मक रूप से संभलने और परिवार के रिश्तों की कहानी भी है. आज लोग दूसरों की कमियां ढूंढ़ने और तुरंत मिलने वाली खुशियों के पीछे भागने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि रिश्तों की अहमियत भूलते जा रहे हैं. यह फिल्म रुककर जीने, भावनात्मक रूप से खुद को संभालने और रिश्तों की कद्र करने का संदेश देती है.”

शूटिंग के दौरान सबसे बड़ी चुनौती के बारे में उन्होंने कहा, “अब तक किसी ने बिल्ली को मुख्य किरदार बनाकर फिल्म नहीं बनाई थी. शूटिंग के दौरान वह बार-बार लाइटों के बीच दौड़ जाती थी और ज्यादातर समय सोती रहती थी. इसलिए पूरी टीम को धैर्य के साथ उसका इंतजार करना पड़ता था. इसी वजह से शूटिंग सामान्य से ज्यादा समय तक चली, लेकिन आखिरकार फिल्म वैसी ही बनी, जैसी हमने कल्पना की थी.”

पद्माकुमार नरसिम्हामूर्ति द्वारा निर्देशित फिल्म में मेधा शंकर, सिद्धार्थ मेनन, आदिल हुसैन, मंदिरा बेदी, नासर और नफीसा अली जैसे बेहतरीन कलाकार शामिल हैं. यह फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

एनएस/