हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिजनों से मिलाना चाहती थी प्रियंका, परिवार ने किया माना

लखीमपुर खीरी . कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लखीमपुर खीरी की हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार से मुलाकात कर रहे हैं. लखीमपुर खीरी में किसानों के परिवार से मिलने के बाद राहुल और प्रियंका मारे गए पत्रकार से परिवार से भी मिलने पहुंचे. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि वह बीजेपी के मारे गए कार्यकर्ताओं के परिजनों से भी मिलना चाहती थीं लेकिन पता चला कि वह नहीं मिलना चाहते, मेरी उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं हैं.

प्रियंका ने कहा, मैंने आईजी से पूछा भी. लेकिन आईजी ने कहा कि वह नहीं मिलना चाहते.मैं उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करती हूं. उधर पीड़ितों के मुआवजे को लेकर सियासत तेज हो गई है.बीजेपी नेताओं का कहना है कि वहां घटना में मारे गए सभी 8 लोगों के परिवारों को मुआवजा दे रहे हैं.जबकि, कांग्रेस ने केवल 5 ही परिवारों को मुआवजा देने का फैसला किया है.हिंसा में चार किसानों, 3 बीजेपी कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की मौत हो गई थी. यूपी सरकार ने घटना ने सभी के परिवार को 45 लाख रुपये के चेक वितरित किए हैं. बुधवार (Wednesday) को बीजेपी कार्यकर्ता श्याम सुंदर के परिवार को भी 45 लाख रुपये का चेक मिला. यही राशि बीजेपी कार्यकर्ता शुभम मिश्रा और ड्राइवर हरि ओम मिश्रा के परिवारों को दी गई है. साथ ही एक परिजन को नौकरी का भी वादा किया गया है.

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने 8 में से केवल 5 परिवारों को मुआवजा देने की बात कही है. इनमें चार किसान और एक पत्रकार का नाम शामिल है.यूपी के कांग्रेस नेता ने कहा, तीन अन्य लोग (दो बीजेपी कार्यकर्ता और थार वाहन का ड्राइवर) किसानों के क्रूर नरसंहार में शामिल थे.उन्हें कैसे मुआवजा दिया जा सकता है? वे आरोपी हैं.

 

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