प्रियंक कानूनगो ने नागरिकों के खिलाफ एफआईआर कराने और बाल तस्करी पर चिंता जताई

New Delhi, 12 अप्रैल . राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने Sunday को social media यूजर्स के खिलाफ First Information Report दर्ज कराने, एक नाबालिग के कथित विवाह और संदिग्ध बाल तस्करी सहित कई मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि आयोग सभी मामलों में उचित कार्रवाई करेगा.

से बात करते हुए कानूनगो ने कहा कि आयोग ने उन रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिनमें कुछ social media यूजर्स द्वारा अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) निधि के व्यय से संबंधित जानकारी साझा करने की बात कही गई है.

उन्होंने बताया कि एमपीएलएडी योजना केंद्र Government द्वारा सांसदों को उनके विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए प्रदान की जाने वाली निधि है और सभी व्यय रिकॉर्ड एक केंद्रीकृत सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध हैं.

प्रियंक कानूनगो ने कहा कि उन आधिकारिक रिकॉर्डों के आधार पर कुछ युवाओं ने सार्वजनिक रूप से यह जानकारी दी कि अमेठी सांसद ने धनराशि का उपयोग नहीं किया है. इसके बाद, इन आम नागरिकों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई है.

इस कदम को चिंताजनक बताते हुए उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से सवाल करने का अधिकार है.

एनएचआरसी सदस्य ने आगे कहा कि यदि धनराशि खर्च नहीं की गई है और लोग इसे उजागर कर रहे हैं, तो संदेश को समझा जाना चाहिए और विकास कार्य किए जाने चाहिए. नागरिकों के खिलाफ First Information Report दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास प्रतीत होता है. हम निश्चित रूप से इस पर कार्रवाई करेंगे.

एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए प्रियंक कानूनगो ने social media पर्सनैलिटी मोनालिसा की शादी से जुड़ी खबरों का जिक्र किया, जो कुंभ मेला 2025 के दौरान काफी चर्चा में रही थीं.

उन्होंने कहा कि आयोग को मिली जानकारी के अनुसार आदिवासी हिंदू परिवार से ताल्लुक रखने वाली यह लड़की नाबालिग हो सकती है.

प्रियंक कानूनगो ने आगे कहा कि पिछले साल जब वह (मोनालिसा) 16 साल की थीं, तब इतने कम समय में उनका बालिग होना नामुमकिन था. खबरों के मुताबिक, केरल के एक मुस्लिम व्यक्ति ने उनसे शादी की है, और कुछ Political हस्तियों की संलिप्तता के भी आरोप हैं.

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