
jaipur, 12 अगस्त . Rajasthan विधानसभा में नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने Wednesday को jaipur जेल ले जाए जा रहे एक कैदी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना पर राज्य Government से सवाल पूछे. उन्होंने Police हिरासत में कैदियों की सुरक्षा और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई.
सांगानेर ओपन जेल में बंद 45 वर्षीय कैदी की Wednesday शाम jaipur में उसके घर से जेल लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना कर्णी विहार थाना क्षेत्र के धाबास स्थित जानकी विहार इलाके में हुई.
मृतक की पहचान गंगासहाय कुमावत (45) के रूप में हुई है. वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहा था, तभी दो नकाबपोश हमलावर उसके पास पहुंचे और उस पर फायरिंग कर दी.
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने तीन राउंड गोलियां चलाईं. इनमें से एक गोली गंगासहाय के सिर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
jaipur पश्चिम के Police उपायुक्त प्रशांत किरण के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए.
स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर कर्णी विहार, भांकरोटा और चित्रकूट थाना Police मौके पर पहुंची.
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए. Police ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी.
Police के अनुसार, गंगासहाय वर्ष 2018 के एक हत्या मामले में सजा काट रहा था. जांच में सामने आया है कि उसे मोती डूंगरी क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उसे सांगानेर ओपन जेल में रखा गया था.
बताया जा रहा है कि वह धाबास स्थित अपने घर गया था और वहां से ओपन जेल लौट रहा था, तभी उस पर हमला हुआ.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य Government की आलोचना की और jaipur में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि jaipur “डर और आतंक की छाया में जी रही राजधानी” बन गया है. धाबास क्षेत्र में दिनदहाड़े बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी और तीन राउंड फायरिंग की. राजधानी में अपराधियों की इस बेखौफ फायरिंग से साफ है कि कानून का डर खत्म हो चुका है. आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है.
उन्होंने Chief Minister भजनलाल शर्मा का नाम लिए बिना सवाल किया, “Rajasthan आखिर कब तक भय के माहौल में जीता रहेगा?”
25 अप्रैल 2018 को शास्त्री नगर निवासी धर्मेंद्र गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बड़े भाई महेंद्र गुर्जर, जो मोती डूंगरी के निवासी थे और धाबास के एकता नगर में भी उनका मकान था, 23 अप्रैल को मोटरसाइकिल से वहां गए थे.
धर्मेंद्र के अनुसार, बाद में उन्हें परिचित बाबू गुर्जर और स्थानीय लोगों से जानकारी मिली कि बालाजी इलेक्ट्रिकल्स के मालिक गंगासहाय का महेंद्र से विवाद हुआ था, जिसके दौरान उस पर हमला किया गया. शिकायत के अनुसार, इस हमले में महेंद्र की मौत हो गई थी.
बाद में गंगासहाय को इस मामले में दोषी ठहराया गया और वह सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहा था.
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एएमटी/एबीएम
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