प्रधानमंत्री आवास मार्च लोकतंत्र नहीं, संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती : राजीव बिंदल

शिमला, 24 जुलाई . Himachal Pradesh भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने Friday को कांग्रेस और उसके शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व पर लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संसद के भीतर चर्चा में भाग लेने के बजाय कांग्रेस अपने Political एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सड़क पर विरोध, हंगामा और टकराव की राजनीति कर रही है.

राजीव बिंदल ने मीडिया से कहा कि Prime Minister आवास की ओर मार्च करना, भाजपा मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश करना और हिंसा का माहौल बनाना लोकतंत्र का हिस्सा नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने की सोची-समझी कोशिश है.

उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र Government देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

बिंदल ने बताया कि Government ने परीक्षा पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए एक बड़ा फैसला किया है.

उन्होंने कहा, “पेपर लीक के सभी मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि मुकदमों का जल्द निपटारा हो और दोषियों को बिना देरी के सख्त सजा मिल सके. इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए जा चुके हैं.”

उन्होंने कहा कि यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए Government द्वारा किए जा रहे सुधारों की शृंखला में एक और महत्वपूर्ण कदम है.

Prime Minister के संकल्प को दोहराते हुए बिंदल ने कहा कि जो भी हमारे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

बिंदल ने कहा कि जैसे ही पेपर लीक का मामला सामने आया, केंद्र Government ने जांच सीबीआई को सौंपी, आरोपियों को गिरफ्तार किया, दोबारा परीक्षा कराई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक तकनीकी सुधार किए और अब फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला भी किया है.

उन्होंने कहा कि इन कदमों से साफ संदेश जाता है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बिंदल ने कहा कि अगर पार्टी वास्तव में छात्रों की चिंता करती, तो वह संसद में रचनात्मक चर्चा में भाग लेकर सार्थक सुझाव देती लेकिन कांग्रेस ने संसद में बाधा डालने, सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने और Political ड्रामेबाजी करने का रास्ता चुना.

राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से सवाल करते हुए बिंदल ने कहा, “कांग्रेस को Prime Minister आवास तक मार्च करने की जरूरत क्यों पड़ी? भाजपा मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश क्यों की गई? क्या लोकतांत्रिक विरोध अब हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में घुसने और Political टकराव पैदा करने तक सीमित रह गया है?”

एएमटी/