
New Delhi, 24 जुलाई . नीट-यूजी पेपर लीक पर देशभर में विरोध प्रदर्शन के बीच परीक्षा पास करने वाले छात्रों ने केंद्र Government का समर्थन किया है. छात्रों ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi इसके (पेपर लीक) लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं हैं. पहली बार नीट परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
कर्नाटक के हुबली की छात्रा दानेश्वरी सलीमत ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “मैंने नीट परीक्षा पास की और अच्छी रैंक हासिल की. अब नीट परीक्षा में कोई समस्या नहीं है. पहली नीट परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने की समस्या हुई थी, लेकिन अब आयोजित दूसरी परीक्षा में कोई दिक्कत नहीं है. काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है और अच्छा कोर्स मिलने की संभावना है.”
छात्रा ने कहा, “कुछ लोग नीट परीक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध कर रहे हैं. नीट बोर्ड और केंद्र Government ने एडमिशन के लिए काउंसलिंग बुलाई है. हम काउंसलिंग की तैयारी कर रहे हैं. हमें कोई परेशानी नहीं हुई है. पहली बार नीट परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.”
छात्रा दानेश्वरी सलीमत ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. कुछ लोग, जिनमें विपक्षी पार्टियां भी शामिल हैं, Government पर आरोप लगा रहे हैं. यह सच से बहुत दूर है. Prime Minister Narendra Modi इसके लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं हैं.
नीट परीक्षा देने वाले Bhopal के छात्रों ने पेपर लीक मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की Prime Minister Narendra Modi की घोषणा का स्वागत किया.
छात्र प्रभात ने कहा, “मैंने इस साल नीट की परीक्षा दी. मुझे 390 अंक मिले. Government का फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का फैसला काफी अच्छा है. बहुत से छात्रों का नीट परीक्षा का सपना रहता है, जिसके लिए वे अपनी तैयारी शुरू करते हैं. छात्र नीट परीक्षा के लिए दो-तीन साल की तैयारी करते हैं. इसके बाद फल नहीं मिलता है तो वह डिप्रेशन में चला जाता है. फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन के बाद पेपर लीक के मामलों में जल्द सजा हो सकेगी और इसके कारण भविष्य की परीक्षाएं भी सही ढंग से हो सकेंगी.”
छात्र प्रियांश कुशवाहा ने कहा, “इस साल की नीट परीक्षा में मेरे 410 अंक आए हैं. इस साल पहली परीक्षा के बाद बहुत से छात्र खुश थे और उन्हें उम्मीद थी कि वे पास होंगे, लेकिन जब पेपर लीक और दोबारा परीक्षा की खबर आई तो काफी बच्चों को सदमा लगा. बहुत से बच्चे दोबारा परीक्षा की तैयारी करने की भी स्थिति में नहीं थे.”
उन्होंने कहा कि पेपर लीक होना बहुत गलत था, लेकिन ऐसे मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का फैसला सही है. हमें उम्मीद है कि इसका असर दिखाई देगा.
फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठन के फैसले पर छात्रा प्रियांशी ने कहा कि यह Government का बिल्कुल सही फैसला है, क्योंकि पेपर लीक के मामलों में जल्दी ही कार्रवाई सुनिश्चित होगी. इससे पेपर लीक करने वालों के खिलाफ भी एक्शन होगा.
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डीसीएच/
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