जवानों संग दशहरा मनाने लद्दाख और जम्‍मू-कश्‍मीर के दो दिवसीय दौरे पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद

नई दिल्‍ली . देश के शीर्ष राष्‍ट्रपति पद पर विराजमान रामनाथ कोविंद गुरुवार (Thursday) को लद्दाख और जम्‍मू-कश्‍मीर के अपने दो दिनी दौरे पर पहुंचे हैं. वह इस साल लद्दाख के द्रास इलाके में जवानों के साथ दशहरा मनाएंगे. यह दुनिया की उन ठंडी जगहों में से एक है, जहां न्‍यूनतम तापमान शून्‍य से 40 डिग्री नीचे चला जाता है. इसके साथ ही राष्‍ट्रपति उस परंपरा को भी तोड़ेंगे, जिसके अनुसार हर साल राष्‍ट्रपति दिल्‍ली में दशहरा का त्‍योहार मनाते हैं. उनके इस दौरे को लेकर लद्दाख के उप राज्‍यपाल के ऑफिस की तरह से ट्वीट करके राष्‍ट्रपति का स्‍वागत किया गया है. राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 14 और 15 अक्टूबर को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे. लद्दाख की अपनी यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति कोविंद लेह के सिंधु घाट पर सिंधु दर्शन पूजा करेंगे.

शाम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जम्मू (Jammu) और कश्मीर (Jammu and Kashmir) की यात्रा करेंगे और भारतीय सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय उधमपुर में तैनात भारतीय सैनिकों के साथ बातचीत करेंगे. विशेष रूप से यह शहर नेशनल हाईवे 44 पर सड़क मार्ग से यात्रा करते समय सशस्त्र बलों द्वारा एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक पारगमन बिंदु माना जाता है.

आखिर में राष्ट्रपति कोविंद 15 अक्टूबर को लद्दाख के द्रास जाएंगे और हिल स्टेशन स्थित प्रसिद्ध करगिल युद्ध स्मारक पर 1999 के करगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. द्रास को लद्दाख के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है और यह अपने उच्च ऊंचाई वाले ट्रेकिंग मार्गों और पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है. यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र भी है, जहां भारतीय सेना के जवानों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) की रक्षा के लिए पूरे साल बढ़ती ऊंचाई और ठंडे तापमान का सामना करना पड़ता है.

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