पूनम ढिल्लों की महिलाओं को बड़ी सलाह, ‘चाहे शिक्षा हो या कोई हुनर, उसे कभी न छोड़ें’

Mumbai , 12 जून . एक्टर राजीव खंडेलवाल के टेलीविजन शो ‘तुम हो न : घर की सुपरस्टार’ के आगामी एपिसोड में Actress पूनम ढिल्लों नजर आएंगी. शो के दौरान Actress ने मां बनने के अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि कई जिम्मेदारियों के बीच बच्चों की परवरिश करना महिलाओं के लिए कितना चुनौतीपूर्ण होता है.

Actress ने बताया, “ज्यादातर औरतें बच्चों को अकेले ही बड़ा करती हैं. मैंने अक्सर ऐसा देखा है. चाहे वे शादीशुदा हों या संयुक्त परिवार में रहती हों, हर मां पूरे दिल और हिम्मत के साथ अपने बच्चों की जिम्मेदारी खुद उठाती है.”

Actress ने बताया, “लेकिन, मेरे मामले में, तो कुछ हद तक मैं सिंगल पेरेंट थी. हालांकि, आर्थिक मदद तो मिलती थी, लेकिन कभी भी आपको काम की जरूरत पड़ सकती है. इस पर आपकी इज्जत भी निर्भर करती है कि आप खुद को कितना काबिल बना सकती हैं और जैसा कि आपने कहा, शिक्षा हो या कोई हुनर, उसे कभी न छोड़ें. क्योंकि वही आपको मजबूत बनाता है और अपने पैरों पर खड़े होने की ताकत देता है.”

Actress ने बातचीत में आगे बताया कि कैसे उन्होंने सोच-समझकर कुछ ऐसे फैसले लिए ताकि बच्चों को कभी भी बुरा महसूस न हो. उन्होंने कहा, “मैंने अपने बच्चों के लिए कुछ समय तक काम से दूरी बना ली थी. घर में छोटे-छोटे बच्चे थे और उनको घर पर छोड़ने के लिए मेरे पास माता-पिता भी नहीं थे. कई साल तक ब्रेक लेने के बाद मैंने टीवी में काम किया कि आउटडोर शूट कम होंगे और ये शर्त भी रखी थी कि सीमित घंटे ही काम करूंगी, क्योंकि मेरा बेटा सिर्फ डेढ़ साल का था.”

Actress ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने बच्चों के शेड्यूल के हिसाब से काम की योजनाएं बनाई थीं. उन्होंने कहा, “सुबह बच्चों को अच्छे से स्कूल भेजती थी. फिर, उनके आने के बाद सीधा सेट पर आ जाती थी. होमवर्क भी सेट पर कराती थी. ऐसी बहुत सी चीजें हमने मैनेज की.”

पूनम ने आगे कहा, “एक तो, माता-पिता के तौर पर हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि कुछ भी नामुमकिन है और एक मां के तौर पर हमें यह भी नहीं सोचना चाहिए कि अगर हम काम करेंगे तो बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाएंगे. हमें एक बैलेंस बनाना पड़ता है. जो लोग माताओं को नौकरी पर रखते हैं, उनसे मैं कहना चाहूंगी कि प्लीज थोड़ा समझदारी और सहानुभूति दिखाएं. सिर्फ यह न सोचें कि वे आपके यहां नौकरी करती हैं. वे एक औरत हैं, जिनकी कई जिम्मेदारियां होती हैं.”

एनएस/एबीएम