हेमा मालिनी की खूबसूरती से नजरें नहीं हटा पाई थीं पूनम ढिल्लों, धर्मेंद्र को लेकर भी सुनाया मजेदार किस्सा

Mumbai , 29 मई . Bollywood Actress पूनम ढिल्लों ने से खास बातचीत में हिंदी सिनेमा के दिग्गज सितारों हेमा मालिनी और धर्मेंद्र से जुड़ी कई यादें साझा कीं. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उन्हें फिल्मों और बड़े सितारों की दुनिया की बिल्कुल भी समझ नहीं थी. लेकिन, जैसे-जैसे उन्होंने काम किया, वैसे-वैसे उन्हें इन कलाकारों की असली शख्सियत को करीब से जानने का मौका मिला.

से बात करते हुए पूनम ढिल्लों ने कहा, ”मेरी पहली फिल्म ‘त्रिशूल’ का पहला शॉट महानायक अमिताभ बच्चन के साथ था, लेकिन जब मैंने पहली बार हेमा मालिनी के साथ काम किया, तो मैं उनकी खूबसूरती देखकर हैरान रह गई थी. मैं उनके चेहरे से अपनी नजर नहीं हटा पा रही थी. उनकी आंखें, उनके होंठ और उनकी पूरी पर्सनैलिटी काफी आकर्षक थी. आज भी हेमा मालिनी उतनी ही खूबसूरत लगती हैं.”

पूनम ने कहा, ”आज भी अगर कोई लड़की Actress बनने का सपना देखती है, तो वह कहीं न कहीं हेमा मालिनी जैसी बनने की इच्छा जरूर रखती है. मैंने हेमा मालिनी के साथ फिल्म ‘दर्द’ में काम किया था, जिसमें राजेश खन्ना डबल रोल में नजर आए थे. इसके अलावा, ‘एक चादर मैली सी’ जैसी फिल्मों में भी उनके साथ स्क्रीन साझा की. फिल्मों के अलावा भी हमारी मुलाकातें होती रहती थीं और हेमा मालिनी हमेशा बेहद प्यार और अपनापन देती थीं.”

बातचीत के दौरान पूनम ढिल्लों ने धर्मेंद्र से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया, ”मैंने धर्मेंद्र के साथ छह-सात फिल्मों में काम किया, हालांकि रोमांटिक लीड के तौर पर मैं कभी उनके साथ नजर नहीं आईं. हम एक फिल्म की शूटिंग ऊंटी में कर रहे थे और वहां Actress स्मिता पाटिल भी मौजूद थीं. सेट पर सभी लोग धर्मेंद्र को प्यार से ‘धर्म पाजी’ कहकर बुलाते थे. यह देखकर मैं और स्मिता भी उन्हें पाजी कहने लगे.”

पूनम ढिल्लों ने आगे बताया, ”हमसे पाजी सुनने के बाद एक दिन धर्मेंद्र ने मजाक में कहा, ‘इन कुड़ियों को बोलो मुझे पाजी न कहा करें.’ धर्मेंद्र के साथ एक बेहद खास और अपनापन भरा रिश्ता महसूस होता था. जब भी वह मिलते थे, हमेशा खुशी से मिलते थे. मैंने हेमा-धर्मंद्र जी के अलावा, सनी देओल के साथ भी कई फिल्मों में काम किया है.”

इंटरव्यू के दौरान पूनम ढिल्लों ने फिल्म इंडस्ट्री में बदलते दौर और बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा, ”आज काम कम नहीं हुआ है, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है. अब फिल्में बन रही हैं, टेलीविजन पर भी काम हो रहा है और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार नया कंटेंट आ रहा है. लेकिन इसके साथ एक चीज और हुई है- एक्टर्स की संख्या भी बहुत ज्यादा बढ़ गई है. पहले एक दौर था जब ज्यादातर Mumbai बेस्ड लोग ही फिल्मों में काम करने आते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. इंटरनेट और social media ने पूरी दुनिया को जोड़ दिया है. इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोग सीधे फिल्ममेकर्स तक पहुंच पा रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”आज कोई भी टैलेंटेड इंसान, चाहे वह उत्तर प्रदेश में बैठा हो, बिहार में हो या पंजाब में, अपनी रील्स और वीडियोज के जरिए फिल्ममेकर्स तक पहुंच सकता है. फिल्ममेकर्स भी अलग-अलग जगहों के टैलेंट को देख पा रहे हैं. वे कहते हैं कि ‘अरे, ये एक्टर कितना अच्छा है’, ‘इसकी रील देखी क्या?’, ‘ये कितना अच्छा डांसर है’ इसलिए अब इंडस्ट्री में पहले से कहीं ज्यादा नए लोग आ रहे हैं. मुझे लगता है कि इसी वजह से पुराने कलाकारों को कभी-कभी महसूस होता है कि उनके पास काम कम हो गया है. लेकिन असल में ऐसा नहीं है. काम तो बढ़ा है, बस अब विकल्प ज्यादा हो गए हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि इंडस्ट्री में कलाकारों और टेक्नीशियंस दोनों के लिए मौके हैं, लेकिन किसी भी तरह के विवाद का नुकसान छोटे लोगों को नहीं होना चाहिए. प्रोड्यूसर्स और टेक्नीशियंस के बीच अगर कोई टकराव होता है, तो सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है जो रोज काम करके अपना घर चलाते हैं. इसलिए इंडस्ट्री में हर समस्या का हल बातचीत और समझदारी से निकलना चाहिए.

पीके/एबीएम