
New Delhi, 10 अगस्त . Jharkhand की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सियासत जारी है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार Jharkhand Government का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, भाजपा नीत एनडीए के नेता विपक्ष पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाते हुए हमलावर हैं.
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने Jharkhand में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कहा, “98 प्रतिशत मांगे मान ली गई हैं और 14वीं जेपीएससी रद्द कर दी गई है. पीटी रद्द कर दी गई है. तीन सदस्यों का इस्तीफा हो चुका है. पैसों के लेन-देन को लेकर ईडी जांच का भरोसा Chief Minister सोरेन ने दिया है.”
उन्होंने कहा कि अब कहीं गतिरोध नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसमें मौका तलाश रही है. सुखदेव भगत ने कहा कि सीआईडी अच्छा काम कर रही है और बहुत कम समय में कार्रवाई की है.
वहीं, Jharkhand के छात्र आंदोलन पर Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “छात्र और युवा देश के लिए अमूल्य हैं. भाजपा Government के रहते पूरे देश में छात्रों और युवाओं का अपमान हो रहा है. यह भाजपा के लिए बहुत महंगा पड़ेगा.”
उन्होंने आगे कहा, “पेपर लीक की घटनाएं पूरे देश में हुई हैं. जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा महीनों तक प्रदर्शन करते रहे. उनके हाथ-पैर तोड़े गए और यहां तक कि गोलियां चलाई गईं. Government को इस बात का घमंड था कि इसे कोई झुका नहीं पाएगा. आखिरकार Government को झुकना पड़ा.”
अवधेश प्रसाद ने कहा, “Jharkhand में भी छात्रों की मांग जायज है. Government को उनकी मांगों को लेकर तत्काल समझौता करना चाहिए और मांगों को मानना चाहिए.”
वहीं, एनडीए नेताओं ने Jharkhand Government और कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. BJP MP कालीचरण सिंह ने से बात करते हुए कहा, “छात्र सालों से मेहनत कर रहे होते हैं. अगर परीक्षा में बेईमानी हो, पैसे का लेन-देन और रिश्वत से नियुक्तियां हों तो यह छात्रों के जीवन पर एक बड़ा हमला होता है. इसलिए छात्र आ रहे हैं और अपना हक मांगेंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “जहां दिल्ली में कांग्रेस और जेएमएम विपक्ष में हैं, उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को ठीक किया जाए. सवाल यह है कि विपक्ष की पार्टी अपने राज्यों में क्यों ऐसा नहीं कर पाती हैं?”
BJP MP ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए Government ने रांची आने-जाने की सभी बसें बंद कर दी हैं. कोई बीमार व्यक्ति है, कोई अपने संबंधी के यहां जाना चाहता है और कोई व्यक्ति अन्य जगह जाना चाहता है, लेकिन सभी गाड़ियों को रोक दिया गया है.”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को भी घर पर Sunday से ही Jharkhand Police ने नजरबंद कर रखा है. संसद सत्र चल रहा है और वो संसद सदस्य होने के नाते दिल्ली आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें नजरबंद किया गया है. इससे स्पष्ट है कि Jharkhand में तानाशाही से Government चलाई जा रही है.
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “Jharkhand Government छात्रों को दबाना चाहती थी. छात्र उनके इरादे समझ गए. आप परीक्षाएं रद्द कर रहे हैं, आपने जेपीएससी सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार किए. आपने माना है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी और धोखाधड़ी हुई थी. तभी आपको ऐसे बड़े फैसले लेने पड़े.”
राजीव रंजन ने आगे कहा, “अगर राज्य Government एसआईटी से जांच करानी की सोच रही है तो छात्र इस पूरे मामले को रफा-दफा होते हुए नहीं देखना चाहते हैं. उनकी मांगों में दम है और Jharkhand Government को अनावश्यक खतरा नहीं बढ़ाना चाहिए. राज्य Government को छात्रों की मांगों को मान लेना चाहिए.”
भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा, “Jharkhand के छात्र पिछले 16 दिनों से हड़ताल पर हैं और Jharkhand लोक सेवा आयोग की परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं. हम Jharkhand के छात्रों के साथ खड़े हैं. दुर्भाग्य से, कांग्रेस पार्टी, जो एनडीए शासित राज्यों में जाकर ‘छात्रों की गूंज’ के नाम पर छात्रों को उकसा रही है, Jharkhand के छात्रों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील है.”
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डीसीएच/
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