पश्चिम बंगाल में इमामों और पुरोहितों का वजीफा बंद करने पर सियासत तेज, कांग्रेस का भाजपा पर हमला

New Delhi, 19 मई . भाजपा के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल Government ने घोषणा की है कि इस साल जून से धार्मिक नेताओं के लिए सहायता-उन्मुख योजनाएं बंद कर दी जाएंगी. इस घोषणा के एक दिन बाद कांग्रेस ने भाजपा पर चुनावी जीत के बाद Political महत्वाकांक्षा के लिए अपना रुख बदलने का आरोप लगाया.

यह फैसला राज्य में भाजपा Government की दूसरी कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया. इसमें कहा गया कि इमामों और पुरोहितों के लिए धर्म आधारित वजीफा योजनाएं बंद कर दी जाएंगी.

भाजपा Government के इस रवैये पर से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा-मोना ने कहा कि मुद्दा यह है कि चुनावों के दौरान केवल Political लाभ के लिए बयान देना और फिर चुनावों के बाद उन बयानों या कार्यों को बदलना, Political महत्वाकांक्षा का एक स्पष्ट उदाहरण है.

हालांकि उन्होंने Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के इस बयान का समर्थन किया कि वह पूरे पश्चिम बंगाल के Chief Minister हैं न कि किसी विशेष वर्ग या समुदाय के. कांग्रेस विधायक ने कहा कि ‘इमामों’ और ‘पुरोहितों’ दोनों के लिए वजीफा बंद कर दिया गया है. जब नए Chief Minister ने शपथ ली तो उन्होंने कहा कि वह पूरे राज्य के Chief Minister हैं, जो एक अच्छी बात है.

बंगाल कैबिनेट के फैसले का बचाव करते हुए भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने इसे Chief Minister अधिकारी द्वारा बहुत ही सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी की तुलना में राज्य के अल्पसंख्यकों के लिए अधिक आवंटन करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि मैं पिछली Government के अंतरिम बजट से एक आंकड़ा पेश करना चाहूंगा. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए उन्होंने केवल 155 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जबकि अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के लिए 5,700 करोड़ रुपए. क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं. अब हमें संदेह हो रहा है कि वह क्या करना चाहती थीं.

टीआर श्रीनिवास ने कहा कि यह नए Chief Minister द्वारा एक अच्छा कदम है, क्योंकि हम राष्ट्र प्रथम में विश्वास करते हैं.

कोलकाता में जमीयत उलेमा के जिला सचिव मोहम्मद अशरफ अली कासमी ने कहा कि पिछली Government ने धार्मिक नेताओं को उनके समुदायों के लिए दी गई सेवाओं का सम्मान करते हुए भत्ते आवंटित किए थे.उन्होंने स्पष्ट किया कि नई भाजपा Government द्वारा भत्ता रोकने का फैसला इमामों और पुरोहितों पर कोई असर नहीं डालेगा, क्योंकि वे इस पर निर्भर नहीं थे.

उन्होंने कहा कि अगर Government ने यह फैसला धर्मों के बीच कोई भेदभाव न हो, इस उद्देश्य से लिया है तो मैं इसका समर्थन करता हूं. Government का यह फर्ज है कि वह सभी लोगों के लिए काम करे, चाहे उनका धर्म कोई भी हो और मंदिरों या मस्जिदों में क्या हो रहा है, इसकी चिंता करने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा आदि पर काम करे.

डीकेएम/