असम में यूसीसी पर सियासत तेज, कांग्रेस विधायक बोले-एक खास समुदाय को कमजोर करना इसका उद्देश्य

गुवाहाटी, 25 मई . असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल को लेकर Political बहस तेज होती जा रही है. कांग्रेस विधायक रेकीबुद्दीन अहमद ने यूसीसी का विरोध करते हुए इसे एक सुनियोजित Political रणनीति करार दिया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बिल का जोरदार विरोध करेगी, क्योंकि इसमें ऐसे प्रावधान शामिल हैं जो विशेष समुदायों की संस्कृति और पहचान को प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व और असम Government की मिलीभगत से ऐसी नीति लाई जा रही है, जिसका उद्देश्य एक खास समुदाय को कमजोर करना है.

रेकीबुद्दीन अहमद ने से कहा कि यूसीसी को लेकर पार्टी का रुख पूरी तरह स्पष्ट है. इस कानून में एक-दो प्रावधान ऐसे हो सकते हैं जो कुछ समूहों के हित में दिखाई दें, लेकिन व्यापक रूप से देखा जाए तो यह एक बड़ी Political चाल है. उनके मुताबिक, यूसीसी के जरिए विशेष जाति और समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.

वहीं, कांग्रेस विधायक जॉय प्रकाश दास ने भी यूसीसी को लेकर अपनी पार्टी का विरोध दोहराया. उन्होंने कहा कि Government का कहना है कि आदिवासी समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा, लेकिन इससे कई सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने पूछा कि यदि यूसीसी अच्छा कानून है, तो आदिवासियों को इससे बाहर क्यों रखा जा रहा है और यदि इसमें खामियां हैं, तो राज्य के मूल निवासियों पर इसे लागू क्यों किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी स्थिति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है.

जॉय प्रकाश दास ने से कहा कि केंद्र Government की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां इस समय अनुकूल नहीं हैं और देश आर्थिक तथा सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है.

उनके मुताबिक, ऐसे समय में Government को जनता की समस्याओं और संकटों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन Government का मुख्य एजेंडा Political लाभ और वोट हासिल करना बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी को भी Political एजेंडे के तहत लाया गया है और इससे आम लोगों को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलने वाला है.

एएसएच/