मैटरनिटी लीव को लेकर तमिलनाडु सरकार के फैसले पर सियासत तेज, किसी ने की सराहना तो किसी ने उठाए सवाल

चेन्नई, 19 अगस्त . तमिलनाडु की टीवीके Government ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. अब राज्य के सरकारी कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के जन्म पर भी पूरे 365 दिन की मैटरनिटी लीव दी जाएगी. इस फैसले के बाद Political दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और परिवार नियोजन की नीति को लेकर बहस छिड़ गई है.

तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) के चीफ और एमएलसी एम. कोडंडाराम ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया. हैदराबाद में उन्होंने से बातचीत के दौरान कहा, “तमिलनाडु Government ने एक बड़ा फैसला लिया है. महिलाओं को पहले दो बच्चों के लिए पूरी मैटरनिटी लीव मिलती थी, जबकि तीसरी प्रेग्नेंसी के मामले में उन्हें सिर्फ सीमित छुट्टी मिलती थी. अब Government ने तीसरी प्रेग्नेंसी के लिए भी पूरी मैटरनिटी लीव की सुविधा दे दी है. मुझे लगता है कि यह एक बड़ा बदलाव है क्योंकि Governmentें पारंपरिक रूप से परिवार नियोजन को बढ़ावा देती रही हैं.”

Mumbai में शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “तमिलनाडु Government के इस फैसले के मकसद और वजह पर निश्चित रूप से सवाल उठेंगे. हालांकि, वे महिलाओं के लिए बेहतर प्रावधान करने की नैतिक जिम्मेदारी ले रहे हैं, क्योंकि मैटरनिटी लीव जरूरी है. हम महिलाओं पर केंद्रित इस फैसले का स्वागत करते हैं.”

वहीं, डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि राज्य Government की मूल नीति दो बच्चों की ही है. उन्होंने बताया, “असल में Government की पॉलिसी तो दो बच्चों की ही है. लेकिन तीसरे बच्चे के लिए हमने इसे कम कर दिया था क्योंकि हम नहीं चाहते कि किसी घर में तीसरा बच्चा हो. जाहिर है, ऐसा आबादी को कंट्रोल करने के लिए किया गया था, बस इतना ही. इसके अलावा और कुछ नहीं है. लेकिन यह Government आबादी को कंट्रोल नहीं करना चाहती. बस यही बात है.”

अब तक तमिलनाडु Government पहले दो बच्चों के लिए ही पूरी मैटरनिटी लीव देती थी. तीसरे बच्चे पर यह अवधि कम कर दी जाती थी ताकि परिवार नियोजन को बढ़ावा मिले. टीवीके Government के नए आदेश के बाद अब तीसरे बच्चे पर भी कर्मचारियों को 365 दिन का पूरा अवकाश मिलेगा.

पीआईएम/एएस