झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से सियासत गरमाई, एनडीए नेताओं ने सोरेन सरकार को घेरा

New Delhi, 11 अगस्त . Jharkhand में छात्रों के ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान हुई Police कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. छात्रों की मांगों और उन पर हुई कार्रवाई को लेकर अलग-अलग Political दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. किसी ने छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही, तो किसी ने हेमंत सोरेन Government पर निशाना साधते हुए जांच की मांग उठाई.

बिहार Government के मंत्री दिलीप जायसवाल ने सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि अगर Government की ओर से कोई गलती नहीं हुई है और किसी तरह की हेराफेरी नहीं हुई, तो जांच कराने में Government को परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जांच नहीं कराई जाती है तो इससे लोगों के मन में संदेह पैदा होता है.

इसी मुद्दे पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब छात्र अपनी आवाज उठाते हैं तो कुछ लोग उनकी मांगों को सुनते हैं, लेकिन Jharkhand में छात्रों के आंदोलन को लेकर अलग रवैया अपनाया जा रहा है. उन्होंने इसे विपक्ष का ‘डबल स्टैंडर्ड’ बताया.

नकवी ने कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी को दूर करना केंद्र और राज्य, दोनों Governmentों की जिम्मेदारी है.

Lucknow में भाजपा नेता नीरज सिंह ने भी Jharkhand Government पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कंटीले तार लगाए गए, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए आए, लेकिन Jharkhand के छात्रों की पीड़ा सुनने नहीं गए.

आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे मामलों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आंसू गैस और लाठीचार्ज किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते. Government को छात्रों के साथ बैठकर उनकी मांगों पर चर्चा करनी चाहिए.

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी कहा कि अगर छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो Chief Minister हेमंत सोरेन की जिम्मेदारी बनती है कि उनसे बातचीत करें और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करें.

वहीं, विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के उपाध्यक्ष गुरुनाधम ने Jharkhand के छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की छात्रों को लेकर कोई ‘लुका-छिपी’ वाली नीति नहीं है. पार्टी ने Jharkhand Government से अनुरोध किया है कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की जाए और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की जाए.

पीआईएम/एबीएम