
श्रीनगर, 17 अगस्त . जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) ने Monday को पूर्व Chief Minister महबूबा मुफ्ती की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर तीखा हमला किया. पार्टी का आरोप है कि उनकी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) खुद उन Political घटनाक्रमों के लिए जिम्मेदार थी, जिनके कारण आखिरकार 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाया गया.
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दावा किया कि अगर पीडीपी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन नहीं किया होता, तो 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने की घटना नहीं होती. यह टिप्पणी तब आई जब महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वे खुद को ‘दिमागी नक्सल’ मानती हैं, क्योंकि वे अनुच्छेद 370 का लगातार समर्थन करती रही हैं और इसे हटाने का विरोध करती रही हैं.
से बात करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने याद दिलाया कि पार्टी ने अनुच्छेद 370 पर भाजपा के घोषित रुख का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर में Government में भाजपा को शामिल करने के खिलाफ चेतावनी दी थी.
तनवीर सादिक ने महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘एक Chief Minister या पूर्व Chief Minister अगर वह ऐसी बात कहती है जिसके लिए वह खुद जिम्मेदार है, तो यह बहुत अजीब लगता है.’ क्योंकि अगर आपको याद हो तो 2014 के चुनाव नतीजों के बाद Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि ‘हम आपको बिना शर्त समर्थन देंगे, भाजपा को मत लाइए क्योंकि उनके घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 को हटाने की बात है.’
सादिक के मुताबिक, चेतावनी के बावजूद पीडीपी ने 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के साथ मिलकर गठबंधन Government बनाई.
उन्होंने आगे कहा कि हर कोई जानता है कि 2019 में जो हुआ, वह उसी गठबंधन की वजह से हुआ. अगर उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन नहीं किया होता, तो 2019 वाली घटना कभी नहीं होती. ये सब सिर्फ दिखावटी आंसू हैं. 2019 की घटनाओं के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार महबूबा मुफ्ती साहिबा ही हैं.
‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर Political विवाद Prime Minister Narendra Modi के स्वतंत्रता दिवस भाषण से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि सशस्त्र नक्सलवाद से निपटने में काफी प्रगति के बावजूद, इस विचारधारा का एक ज्यादा सूक्ष्म रूप देश के लिए चुनौती बना हुआ है.
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एमएस/
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