महाराष्ट्र में यूसीसी पर सियासी घमासान, मंत्री और शिवसेना नेता ने किया समर्थन

Mumbai , 23 जून . समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर Maharashtra में Political बयानबाजी तेज हो गई है. राज्य Government के मंत्रियों और शिवसेना नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. मंत्री नितेश राणे ने यूसीसी को संविधान का हिस्सा बताते हुए इसके समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाया. वहीं, मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि Maharashtra में फिलहाल इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है, लेकिन अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन किया जाएगा.

दूसरी ओर, शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने भी यूसीसी का समर्थन करते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लेकर कड़ी टिप्पणी की.

मंत्री नितेश राणे ने कहा कि हमारे संविधान में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का प्रावधान है. संविधान में यूसीसी का उल्लेख है और जो कोई भी इस देश के संविधान में विश्वास करता है तथा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को मानता है, उसे यूसीसी को स्वीकार करना होगा. जो लोग इस देश में शरिया कानून चाहते हैं या शरिया कानून में विश्वास करते हैं, वे उन स्थानों पर जा सकते हैं, जहां इसे माना जाता है. India में संविधान का पालन किया जाता है और संविधान में यूसीसी का जिक्र है, इसलिए इसे लागू किया जाएगा.

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा कि इसे किसी के धर्म को नष्ट करने के लिए नहीं लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लोगों को भड़काने का प्रयास करता है तो वह भी शांति से नहीं रह पाएगा.

निरुपम ने कहा कि पर्सनल लॉ बोर्ड को अपने धार्मिक कार्य करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन यदि धर्म की आड़ में समाज को भड़काकर देश में दंगा-फसाद कराने की कोशिश की गई तो Government और Police ऐसे लोगों को नहीं बख्शेगी.

Maharashtra Government में मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि वर्तमान में राज्य में यूसीसी को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि देश के अन्य राज्यों ने देशहित में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया है, तो Maharashtra Government उसका अध्ययन और परीक्षण करेगी.

रावल ने कहा कि यदि यह Maharashtra और देश के हित में पाया जाता है, तो राज्य Government निश्चित रूप से इसे लागू करने पर विचार करेगी.

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