पश्चिम बंगाल में दुर्गा पंडालों में भी सियासी बोल, ‘खेला होबे’ की धूम

कोलकाता (Kolkata) . पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इन दिनों दुर्गा पूजा की धूम है पर पूजा पंडालों में ममता दीदी के नारे ‘खेला होबे’ की ही गूंज सुनाई व दिखाई दे रही है. इन पंडालों में राजनीति की भी झलक देखने को मिल रही है. बंगाल में खेला होबे की थीम पर पंडाल डिजाइन किए गए हैं, जिसे देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं. दरअसल, दक्षिण कोलकाता (Kolkata) में एक दुर्गा पूजा पंडाल को ‘खेला होबे’ की थीम पर डिजाइन किया गया है. खेला होबे थीम डिजाइन करने वाले कलाकार सौमेन घोष का कहना है कि ‘खेला होबे’ का नारा पूरे भारत में प्रसिद्ध है. हमने इस विषय को बच्चों और युवाओं को मोबाइल गेम के बजाय आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रेरित करने के लिए चुना है.

बता दें कि इस साल अप्रैल-मई में हुए विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में ‘खेला होबे’ नारे का इस्तेमाल हुआ था. चुनाव में टीएमसी ने भाजपा को करारी शिकस्त दी थी. टीएमसी प्रमुख एवं मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी ने पिछले महीने घोषणा की थी कि 16 अगस्त को ‘खेला होबे दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. टीएमसी राष्ट्रीय स्तर पर अपने पैर जमाने की कोशिश में लगी है, उसने देश के अन्य हिस्सों में यह दिवस मनाने के लिए बड़ी योजनाएं बनाई हैं, जिनमें त्रिपुरा भी शामिल है जहां 2023 में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) होने हैं. इधर, पश्चिम बंगाल (West Bengal) सरकार ने शनिवार (Saturday) को लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि कोविड महामारी (Epidemic) अभी खत्म नहीं हुई है. राज्य में त्योहार शुरू होने से पहले ही लोगों ने बड़ी संख्या में दुर्गा पूजा पंडालों में जाना शुरू कर दिया है, जिससे संक्रमण के प्रसार को लेकर चिंता बढ़ गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कोरोना (Corona virus) संक्रमण के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाने और घर में ही त्योहार मनाने का आग्रह किया है.
विपिन/ / 10 अक्टूबर 2021

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