
कराची/हैदराबाद, 26 जुलाई . Pakistan की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-Pakistan (एमक्यूएम-पी) ने सिंध समेत देश में नए प्रांतों के गठन की मांग को लेकर अपना अभियान तेज कर दिया है. Saturday को पार्टी अध्यक्ष खालिद मकबूल सिद्दीकी ने हैदराबाद में रैली का नेतृत्व किया, जबकि वरिष्ठ नेता और संघीय स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने कराची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासनिक आधार पर नए प्रांत बनाए जाने की मांग दोहराई. हैदराबाद में हजारों की तादाद में लोग जुटे.
अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से जारी कुछ वीडियो क्लिप्स और तस्वीरों में भारी भीड़ देखी जा सकती है. पार्टी का कहना है कि मौजूदा प्रशासनिक ढांचा देश की बढ़ती आबादी और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने में नाकाम रहा है. एमक्यूएम-पी का दावा है कि खासकर सिंध में बेहतर प्रशासन, संसाधनों के समान वितरण और प्रभावी जनसेवाओं के लिए नए प्रशासनिक प्रांत बनाना जरूरी हो गया है.
हैदराबाद में रैली को संबोधित करते हुए खालिद मकबूल सिद्दीकी ने कहा कि एमक्यूएम-पी ने सिंध से अलग नया प्रांत बनाने की अपनी मांग कभी वापस नहीं ली है. उन्होंने कहा कि नया प्रांत “मातृभाषा” और “भूमि के आदान-प्रदान” के आधार पर बनाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि India से आए मुहाजिर अपनी इच्छा से Pakistan आए थे और यह पलायन लियाकत-नेहरू समझौते के तहत हुआ था.
सिद्दीकी ने पूर्व Prime Minister जुल्फिकार अली भुट्टो का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दौर में शहरी और ग्रामीण सिंध की व्यवस्था तय की गई थी. साथ ही यह भी तय हुआ था कि यदि Chief Minister सिंधी भाषी होगा तो Governor उर्दू भाषी होगा, जिसे शहरी सिंध में जनादेश प्राप्त पार्टी नामित करेगी.
उन्होंने दावा किया कि सिंध के कुल बजट का 97 प्रतिशत हिस्सा कराची से आता है, जबकि बाकी योगदान हैदराबाद और मीरपुर खास जैसे शहरों से मिलता है.
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि सिंध में दो वर्ग हैं एक जो 100 प्रतिशत टैक्स देकर पूरे प्रांत का बोझ उठा रहा है और दूसरा जो बिना योगदान दिए उसका लाभ ले रहा है. उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष तरीके से गिनती की जाए तो अलग प्रांत की मांग दूसरी ओर से भी उठेगी.
कराची में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुस्तफा कमाल ने कहा कि नए प्रांतों की मांग किसी जातीय या भाषाई आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह प्रशासनिक जरूरत के तहत की जा रही है.
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही है.
कमाल ने आरोप लगाया कि पिछले 18 वर्षों में सिंध Government को 22 ट्रिलियन रुपये मिले, लेकिन कराची को केवल 680 अरब रुपये आवंटित किए गए, जबकि प्रांत के 90 प्रतिशत से अधिक राजस्व का योगदान अकेले कराची देता है.
उनका कहना था कि यदि 2010 से पहले वाला GST बंटवारा फॉर्मूला लागू रहता, तो कराची को लगभग 2 ट्रिलियन रुपये मिलते. इससे शहर में सड़कें, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के बेहतर अवसर विकसित किए जा सकते थे.
मुस्तफा कमाल ने आरोप लगाया कि 18वें संवैधानिक संशोधन के बाद सिंध Government ने अधिकांश अधिकार अपने पास केंद्रित कर लिए, लेकिन कराची और अन्य क्षेत्रों में लोगों को साफ पानी, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा सकी.
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को न तो पर्याप्त वित्तीय अधिकार मिले और न ही प्रशासनिक शक्तियां, जिसके कारण लोगों को प्रभावी नगर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं.
कमाल ने बताया कि एमक्यूएम-पी ने संसद में बेहतर प्रशासन और स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने के लिए संवैधानिक संशोधन भी प्रस्तावित किए थे, लेकिन Pakistan पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने अपनी संसदीय बहुमत के बल पर उन्हें पारित नहीं होने दिया.
उन्होंने कहा कि अब पार्टी जनता के अधिकारों के लिए सड़क पर आंदोलन करेगी और लोगों से Sunday को शाह फैसल टाउन में होने वाली विरोध रैली में शामिल होने की अपील की.
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केआर/
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