सीजेआई पर संजय राउत की टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक विवाद, भाजपा ने किया पलटवार

New Delhi/Mumbai , 20 जुलाई . नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के एक social media पोस्ट ने बड़े पैमाने पर Political चर्चा छेड़ दी है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत का धन्यवाद किया है.

सांसद ने social media मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देशभर में चल रहे जनआंदोलनों को नई ऊर्जा देने का श्रेय केवल एक व्यक्ति, माननीय जस्टिस सूर्यकांत जी को जाता है. उन्होंने लिखा कि मुख्य न्यायाधीश ने देश के सामाजिक और Political आंदोलनों में नई जान फूंक दी है और इसी वजह से आज इतने बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.

राउत का यह बयान राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते Political तनाव के बीच आया है, जहां Police की पाबंदियों के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी ‘संसद मार्च’ के लिए इकट्ठा हुए थे. न्यायपालिका की भूमिका पर उनकी टिप्पणियों पर सभी Political दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिससे पेपर लीक विवाद को लेकर चल रही देशव्यापी बहस और तेज हो गई है.

इससे पहले, राउत ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल के संदर्भ में केंद्र Government पर कड़ा हमला बोला था. उन्होंने प्रशासन पर ‘युवाओं से डरने’ और बल प्रयोग करके लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों को दबाने का आरोप लगाया था.

राउत ने प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए युवाओं से कहा कि Government ने शुरू में सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके जैसी प्रमुख आवाजों को मामूली रुकावट समझकर नजरअंदाज कर दिया था.

उन्होंने कहा कि Government को लगा था कि वे इन कार्यकर्ताओं को छोटे कीड़ों की तरह कुचल सकते हैं, लेकिन तथाकथित ‘कॉकरोच’ मजबूती से डटे रहे और देश भर के लोग उनके समर्थन में आगे आए.

राउत ने शांतिपूर्ण रैलियों की अनुमति न देने के Government के फैसले की आलोचना की. उन्होंने कहा कि एक सच्ची लोकतांत्रिक Government प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करती, न कि उनके मार्च पर रोक लगाती या Police के दबाव में सोनम वांगचुक जैसे कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराती.

उन्होंने कहा कि Government को युवाओं की शिकायतों पर सीधे ध्यान देना चाहिए था और युवा पीढ़ी को संतुष्ट करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए था.

इस बीच, जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांगों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आयोजकों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘कॉकरोच’ विरोध प्रदर्शन असल में Prime Minister Narendra Modi और Chief Minister देवेंद्र फडणवीस को बदनाम करने के लिए रचा गया एक Political नाटक था.

बावनकुले ने कहा कि चल रहा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से नाटक है, जिसमें कुछ युवा निराशा के कारण शामिल हो रहे हैं. उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा का पेपर लीक किया था. उन्होंने कहा कि सुधार के लिए रचनात्मक सुझावों का स्वागत है, लेकिन मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी तरह से Political मकसद से प्रेरित है.

एएसएच/