मुंबई: सामने पुलिस वैन, अंदर छात्र… रिया अहीर ने बताई वायरल वीडियो के पीछे की पूरी कहानी

Mumbai , 24 जुलाई . Mumbai में छात्र प्रदर्शन के दौरान Police वैन के सामने खड़े होकर सुर्खियों में आईं रिया अहीर ने अपने कदम, वायरल वीडियो और आंदोलन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें डर जरूर था, लेकिन उन्हें लगा कि अगर सच के लिए आवाज उठानी है तो डर से आगे बढ़ना होगा. रिया ने बताया कि उन्होंने जो किया, वह हालात को देखकर उठाया गया कदम था, क्योंकि उस वैन को रोकने का और कोई रास्ता नहीं था.

रिया ने कहा कि हर इंसान के अंदर किसी न किसी चीज को लेकर डर होता है. उनके अंदर भी डर था लेकिन वह यह जानना चाहती थीं कि क्या डर के आगे सच में जीत होती है. उन्होंने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका यह कदम इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा और वीडियो इतनी तेजी से वायरल हो जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वहां पहुंची थीं. जब वह आंदोलन स्थल की तरफ जा रही थीं, तभी उन्होंने देखा कि Police की गाड़ी के अंदर कई बच्चे मौजूद हैं. रिया ने कहा कि वह दृश्य देखकर उन्हें लगा कि अगर बच्चे अपनी आवाज उठाने के लिए वहां हैं, तो उन्हें भी पीछे नहीं हटना चाहिए.

रिया ने कहा, “आप सोचिए, आपके सामने Police की वैन है और उसमें बच्चे बैठे हैं. अगर यह देश और छात्रों से जुड़ा मुद्दा है, तो मेरी लड़ाई यहीं से शुरू होती है.” उन्होंने बताया कि उन्होंने Policeकर्मियों से पूछा कि क्या उनके पास बच्चों को रोकने का कोई आदेश या अनुमति है. जब उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तो उनका विश्वास और मजबूत हुआ कि वह सही सवाल उठा रही हैं.

उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपना हाथ आगे बढ़ाया और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वैन धीरे-धीरे चल रही थी और उसकी सीड़ियों पर Police खड़ी थी. ऐसे में किसी को निकाल पाना मुश्किल था.

रिया ने कहा, “मुझे लगा कि वे मुझे भी घसीटकर ले जा सकते हैं, लेकिन फिर मैंने आस-पास देखा और महसूस किया कि वहाँ जगह ही नहीं बची थी, तो वे मुझे कहां रखते?” उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का डर था कि उनके खिलाफ First Information Report दर्ज हो सकती है या Police कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि हर छात्र के मन में यह डर रहता है कि कहीं उसका भविष्य प्रभावित न हो जाए, लेकिन उन्होंने फैसला किया कि डर की वजह से पीछे नहीं हटना चाहिए.

उन्होंने कहा, “कल रात मुझे डर लग रहा था. मैं सुबह 5:30 बजे तक सो नहीं पाई. मुझे अपने परिवार की चिंता ज़रूर हो रही थी. लेकिन जब मैंने उन्हें बताया कि Police आ सकती है, तो उन्होंने बस इतना कहा, ‘तो क्या हुआ? हम संभाल लेंगे. हम इससे निपट लेंगे.’ जब आपका परिवार इतना हिम्मतवाला और साथ देने वाला हो, जो सही के लिए खड़ा हो और गलत के खिलाफ आवाज उठाए, तो इससे आपको बहुत हिम्मत मिलती है. ऐसा साथ आपको किसी भी हालात का सामना करने का भरोसा देता है.”

social media पर वीडियो वायरल होने और कई विपक्षी नेताओं द्वारा उनकी तस्वीर शेयर किए जाने पर रिया ने कहा, “उन्हें वोट चाहिए इसलिए वो तो पोस्ट करेंगे ही. मैं खुद को किसी खास Political पार्टी की रैली से नहीं जोड़ना चाहती, क्योंकि तब वह उस पार्टी की विचारधारा से जुड़ जाती है. अगर छात्रों के अधिकारों के लिए कोई मार्च निकाला जा रहा है, तो उसे छात्रों का आंदोलन माना जाना चाहिए, न कि किसी एक Political पार्टी का.”

देशभर में चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर रिया ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है. छात्र मेहनत करके डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन अगर व्यवस्था में समस्याएं होंगी तो उनकी मेहनत प्रभावित होगी.

उन्होंने Government से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो उसे स्वीकार करना चाहिए. जैसे माता-पिता बच्चों को गलती मानने और सुधारने की सीख देते हैं, वैसे ही Governmentों को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए.

Prime Minister Narendra Modi द्वारा पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए रिया ने कहा कि वह केवल वादों पर भरोसा नहीं करना चाहतीं. उन्होंने कहा कि Governmentों को अपने काम के जरिए भरोसा पैदा करना चाहिए. युवाओं की मांग केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई है.

पीआईएम/पीएम