केएमसी के मेयर-इन-काउंसिल सदस्य पर सचिव से मारपीट का आरोप, पुलिस ने किया तलब

कोलकाता, 25 मई . कोलकाता Police के सेंट्रल डिवीजन के न्यू मार्केट थाने की टीम ने Monday सुबह कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मेयर-इन-काउंसिल सदस्य बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को समन जारी किया. उन पर निगम के सचिव किशोर कुमार बिस्वास के साथ बदसलूकी और मारपीट करने का आरोप है.

किशोर कुमार बिस्वास ने Saturday को न्यू मार्केट थाने में चट्टोपाध्याय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. मध्य कोलकाता स्थित केएमसी मुख्यालय न्यू मार्केट थाना क्षेत्र में आता है. चट्टोपाध्याय वार्ड नंबर 81 से ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के पार्षद हैं.

शिकायत के आधार पर न्यू मार्केट थाने की Police ने Monday को बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को पूछताछ के लिए समन जारी किया. वह पेशे से वकील भी हैं.

पिछले Friday को कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडे ने निगम की बैठक रद्द कर दी थी. इसके बावजूद निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए बैठक जारी रखी गई.

केएमसी की चेयरपर्सन माला रॉय ने साफ कहा कि सभी पार्षदों की मौजूदगी जरूरी है. इसके बाद बैठक आयोजित की गई. हालांकि, निगम का सत्र कक्ष अंदर से बंद था, इसलिए बैठक आगंतुक कक्ष में कराई गई.

इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों ने नगर निगम भवन में मौजूद पार्षद क्लब में विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल सत्र कक्ष खोलने की मांग को लेकर नगर निगम सचिव के कार्यालय पहुंचा. जानकारी के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई बैश्वानोर चट्टोपाध्याय कर रहे थे. इस दौरान सचिव के साथ बदसलूकी और उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए गए.

नगर निगम के सचिव और नगर निगम आयुक्त ने इस मामले में न्यू मार्केट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद Police ने चट्टोपाध्याय को पूछताछ के लिए तलब किया है. जानकारी के मुताबिक, उन्हें नोटिस भेजा गया है. सूत्रों के अनुसार, Police इस घटना में उनकी भूमिका की जांच करना चाहती है.

सेक्रेटरी के साथ बदसलूकी के आरोपों पर चट्टोपाध्याय ने कहा, “मैंने सिर्फ अपनी बात रखी थी. मुझे बोलने की आजादी है और मैं मेयर-इन-काउंसिल का सदस्य हूं. मैंने उनसे नगर निगम का सभा कक्ष खोलने को कहा था. अगर जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारों के तहत बोलने की आजादी नहीं मिलेगी, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.”

गौरतलब है कि Sunday को राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा था कि किसी भी सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी या अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सचिव के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

एसएचके/पीएम