कर्नाटक: कलबुर्गी की हाई सिक्योरिटी जेल से तीन दोषी कैदी फरार, जांच में जुटी पुलिस

कलबुर्गी (कर्नाटक), 14 जुलाई . कर्नाटक की कलबुर्गी केंद्रीय कारागार से Tuesday तड़के तीन दोषी कैदियों के फरार होने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया गया है और Police ने बड़े स्तर पर उनकी तलाश शुरू कर दी है. यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कलबुर्गी, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे का गृह जिला है.

Police के अनुसार, तीनों कैदी Tuesday सुबह करीब 3 बजे जेल की 15 से 20 फीट ऊंची दीवार पार कर फरार हो गए.

फरार कैदियों की पहचान मस्तान, संतोष और सागर के रूप में हुई है. तीनों एक हत्या के मामले में दोषी ठहराए जा चुके थे और जेल में सजा काट रहे थे.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैदियों ने कंबल, कपड़े और तकिए के कवर को आपस में बांधकर एक अस्थायी रस्सी बनाई थी. इसकी मदद से वे जेल की दीवार पार कर भागने में सफल रहे.

इस संबंध में फरहताबाद Police स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.

घटना की जानकारी मिलते ही कलबुर्गी Police आयुक्त एस.डी. शरणप्पा सहित कई वरिष्ठ Police अधिकारी जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया.

प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि तीनों कैदी पिछले दो से तीन दिनों से जेल से भागने की योजना बना रहे थे.

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं कैदियों को जेल के अंदर से किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की मदद तो नहीं मिली. अधिकारियों को संदेह है कि जेल कर्मियों की भूमिका हो सकती है, क्योंकि रात के समय कैदियों को उनकी बैरकों में होना चाहिए था, लेकिन वे कथित तौर पर बाहर कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल बना हुआ है.

इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है. जेल में 24 घंटे निगरानी, cctv कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होने के बावजूद तीनों कैदी फरार हो गए. जेल परिसर में सीआईएसएफ कर्मी भी तैनात हैं.

अधिकारियों ने इसे सुरक्षा में बड़ी लापवाही माना है. जांच के दौरान यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

Police cctv फुटेज की जांच कर रही है, जेल कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या किसी अधिकारी ने कैदियों की फरारी में मदद की थी.

इसके अलावा, जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि जेल से भागने के बाद कैदियों को बाहर से किसी प्रकार की सहायता मिली या नहीं.

फरारी की घटना के बाद कर्नाटक Police ने राज्यभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. फरार कैदियों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें बनाई गई हैं और पड़ोसी जिलों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि आरोपी गिरफ्तारी से बच न सकें.

एएमटी/डीकेपी