
New Delhi, 25 मई . Prime Minister Narendra Modi की यूएई यात्रा के दौरान हुए महत्वपूर्ण समझौतों से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है. खासकर एलपीजी आपूर्ति के संदर्भ में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Monday को मध्य एशिया के हालिया घटनाक्रम पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी.
विशेष रूप से एलपीजी आपूर्ति से जुड़े समझौतों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Monday को मध्य एशिया से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन समझौतों से India की ऊर्जा जरूरतों को स्थिर और दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि Government खाड़ी क्षेत्रों के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है. उन्होंने Prime Minister की हालिया यूएई यात्रा को भी रेखांकित किया. कहा, Prime Minister ने 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अत्यंत सफल यात्रा की. इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिन्होंने India की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती प्रदान की है. विशेष रूप से एलपीजी आपूर्ति और हमारे रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को सुदृढ़ करने के संदर्भ में मदद मिली है.”
उन्होंने आगे कहा कि निवेश से संबंधित समझौते भी हुए, जिनसे अबू धाबी और यूएई से India और भारतीय संस्थाओं में बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों में नए निवेश के प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा. जायसवाल के अनुसार, India ने रक्षा रणनीतिक साझेदारी के लिए एक रूपरेखा समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जिसने यूएई के साथ रक्षा साझेदारी को और मजबूत किया है.
इस दौरान, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने आयात पर पड़े प्रभाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया संकट के चलते 40 फीसदी क्रूड आयात, 90 फीसदी एलपीजी आयात और 65 फीसदी प्राकृतिक गैस आयात पर असर पड़ा है. इसके बावजूद देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.”
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केआर/
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